चुनाव को लेकर युवा क्या सोच रहे हैं, जानिए ग्राउंड रिपोर्ट्स में चूरू के राजगढ़ (सादुलपुर) में मैं रेलवे स्टेशन रोड, मिनी सचिवालय, शीतला मार्केट, नंद प्लाजा, राजकीय कॉलेज, मोहता कॉलेज आदि जगहों पर घूमा। यहां युवाओं, विद्यार्थियों से मिला। उनसे बातचीत में महसूस हुआ कि युवा इस समय बड़े बदलाव और भारी हताशा के बीच खड़ा है। शहरी सरकार के चुनाव की सुगबुगाहट के बीच युवाओं के मुद्दे पारंपरिक राजनीति से बिल्कुल अलग हैं। इन मुद्दों को मैं 6 बिंदुओं में बांटकर बताना चाहूंगा। 1. युवा चाहता क्या है: अपने गांव-शहर में ही रोजगार, ड्रग्स से निजात; सादुलपुर और आसपास बड़ा औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। युवाओं के पास सेना, पुलिस या सरकारी भर्तियों की तैयारी के अलावा विकल्प नहीं हैं। स्नातक के बाद 80% युवा को पलायन कर रहे। क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स का चलन बढ़ा है। 2. युवाओं की चिंता: जितना खर्चा पढ़ाई का, उतना ही खतरा पेपर लीक का; प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीकर या जयपुर जाना पड़ता है। गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। पिछले वर्षों में देश-प्रदेश में पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का मनोबल तोड़ दिया है। 3. युवा का सपना: एजुकेशन-स्पोर्ट्स हब बनें; सादुलपुर एजुकेशन और स्पोर्ट्स हब बने। इस धरती ने देवेंद्र झाझड़िया, कृष्णा पूनिया जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए। राज्य व केंद्र की योजनाएं कागजों पर तो दिखती हैं, क्रियान्वयन नहीं दिखता। विभागों का भ्रष्टाचार युवा को निराश करता है। 4. इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ा मुद्दा: अभावों पर शर्मिंदा, एआई के दौर में संसाधन नहीं; सरकारी स्कूल-कॉलेज में क्लासरूम, लैब में उपकरणों और छात्राओं के लिए शौचालयों की कमी है। एम-कॉम की छात्रा सुस्मिता ने बताया, एआई रोबोट्स बनाने के दौर में हमारे यहां लैब में संसाधन ही नहीं हैं। 5. स्वच्छता में पिछड़े: बाजारों में अवैध पार्किंग से परेशानी; रेलवे स्टेशन के पास और मुख्य बाजारों में कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं है। 22 वर्षीय छात्र राहुल सैनी और विकास झाझड़िया ने कहा- बस स्टैण्ड 4-5 साल पहले ही बना है, लेकिन हालात खराब है। 6. युवा क्या सोचकर वोट देगा: जाति-पार्टी नहीं... योग्यता-विजन देखेगा; घूसखोरी से परेशान युवा पार्टी नहीं, प्रत्याशी की योग्यता देखेगा। ईमानदारी देखेगा। जो सीवरेज, लाइट, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं दिला सके, विकास का ऐसा विजन देखेगा। विकास, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन।