समग्र शिक्षा अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का जिला स्तरीय समारोह शहर के कोटा रोड स्थित निजी रिसॉर्ट में आयोजित किया गया। मीडिया प्रवक्ता ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर बालमुकुंद असावा थे। अध्यक्षता डीईओ गेंदालाल रैगर ने की। मंच पर एडीपीसी सीताराम गोयल, एडीईओ हरमोहन गालव, एपीसी गंगाप्रसाद मीणा, दशरथ सुहानिया, सीबीईओ अंता गायत्री मीणा, सीबीईओ अटरू कालूलाल मीणा, सीईओ स्काउट सुनीता मीणा, डीओआईटी कल्पना पाटनी, डीएसओ प्रिया शर्मा मौजूद थे। कार्यक्रम प्रभारी मुकेश कुमार नागर ने बताया कि समारोह में कलेक्टर असावा ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर बालिका हर क्षेत्र में एक्सपर्ट हो। कोई शिक्षा में आगे हो सकती है तो कोई खेल में। कोई दूसरे क्षेत्र में। बालिकाएं अपना विश्वास मजबूत रखें। खुद को कमजोर न समझें। दूसरों से तुलना न करें। अपनी प्रतिभा निखारने पर जोर दें। डीओआईटी अधिकारी कल्पना पाटनी ने सोशल मीडिया पर खास सावधानी बरतने की हिदायत दी। समारोह में शिक्षा और खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 150 मेधावी बालिकाओं को सम्मानित किया गया। 25 शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मान मिला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गजनपुरा की बालिकाओं का सेल्फ डिफेंस प्रदर्शन रहा। यह प्रस्तुति पूनम गौतम और जेहरा परवीन के निर्देशन में हुई। कस्तूरबा विद्यालय की बालिकाओं ने बाल विवाह रोकथाम और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर नुक्कड़ नाटक किया। गतिका धाकड़ ने तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। गजनपुरा स्कूल के बच्चों ने भी कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम में सहायक आचार्य शालिनी मंगल, एएओ विकास पंकज, अध्यापिका ममता शर्मा, मनोज जैन, अनूप चोपड़ा, सतीश सोनी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जिले भर की छात्राएं और अध्यापिकाएं मौजूद रहीं। संचालन कैलाश नारायण और सीमा ने किया।