हनुमानगढ़ में विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुसार सही करियर चुनने में मदद देने के लिए ‘प्रोजेक्ट दिशा’ के तहत करियर गाइडेंस वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। ईताशा सोसाइटी, नई दिल्ली की ओर से मंगलवार को जंक्शन की कैनाल कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) में कार्यशाला हुई। इसमें विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन के जरिए साइकोमेट्रिक टेस्ट दिया। टेस्ट बताएगा किस क्षेत्र में है क्षमता सोसाइटी की सोनिया ने बताया कि शिक्षा विभाग के साथ मिलकर राजस्थान के सरकारी स्कूलों में ये कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। साइकोमेट्रिक टेस्ट के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर विद्यार्थियों की क्षमता और रुचि के अनुरूप कई करियर विकल्प सामने आते हैं। इससे विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती है कि वे चुने गए करियर के लिए कितने तैयार हैं और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए किन क्षेत्रों में उन्हें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। अगस्त से हनुमानगढ़ में चल रहा अभियान सोनिया ने बताया कि हनुमानगढ़ में इस कार्यक्रम की शुरुआत अगस्त से हुई थी। इससे पहले टाउन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल, राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल फोर्ट और जंक्शन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में भी वर्कशॉप आयोजित की जा चुकी हैं। अब तक 22 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों के साथ ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। 10वीं के बाद बढ़ती है करियर की चिंता सोनिया के अनुसार, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में पहुंचने के बाद विद्यार्थियों के सामने करियर को लेकर कई सवाल खड़े होने लगते हैं। ऐसे समय में उन्हें अनुमान या दबाव के बजाय वैज्ञानिक तरीके से करियर संबंधी मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह कार्यशाला को लेकर विद्यार्थी और शिक्षक दोनों उत्साहित नजर आए। स्कूल प्रबंधन ने भी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने और भविष्य के लिए सही दिशा तय करने में मददगार साबित हो रहे हैं।