हनुमानगढ़ के पूर्व उपसभापति एवं वर्तमान कांग्रेस पार्षद अनिल खीचड़ के घर के बाहर जयपुर पुलिस की ओर से उनकी बेटी और यूथ कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष निशा खीचड़ के नाम का नोटिस चस्पा किए जाने का मामला सामने आया है। निशा दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं और महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाओं तथा महिला सुरक्षा के मुद्दे पर 10 अक्टूबर को जयपुर के पत्रिका गेट पर प्रस्तावित गैर-राजनीतिक प्रदर्शन की योजना में शामिल थीं। अनिल खीचड़ के अनुसार, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और अचानक सीजेपी का कॉल आने के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद जयपुर पुलिस ने इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा किया। उन्होंने निशा को फोन पर डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रस्तावित था प्रदर्शन अनिल खीचड़ ने बताया कि निशा खीचड़ और राजस्थान की कुछ अन्य युवतियों ने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाओं और महिला सुरक्षा को लेकर 10 अक्टूबर को जयपुर के पत्रिका गेट पर गैर-राजनीतिक प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। उनके अनुसार, अचानक सीजेपी का कॉल आने के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इसके बावजूद जयपुर पुलिस ने निशा के नाम से नोटिस चस्पा कर दिया। खीचड़ ने बताया कि निशा को शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद निशा को फोन कर डराया-धमकाया जा रहा है। सरकार पर लगाया युवाओं के खिलाफ दमन का आरोप अनिल खीचड़ ने आरोप लगाया कि सरकार देशभर में युवाओं के खिलाफ दमनकारी रवैया अपना रही है और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को उठ रहे सवालों पर प्रेस वार्ता कर जवाब देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपनी मांग जारी रखेंगे। पंचायत चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा आगामी पंचायत समिति चुनावों को लेकर खीचड़ ने दावा किया कि कांग्रेस हनुमानगढ़ जंक्शन और टाउन में प्रधान बनाने के साथ जिला प्रमुख का पद भी हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी ताकत और रणनीति के साथ चुनाव लड़ेगी। निर्दलीय विधायक और उनके समर्थकों पर दर्ज मुकदमों के संबंध में उन्होंने कहा कि आरोप सही हैं या गलत, यह जांच का विषय है। यदि किसी ने गलत किया है तो उसे परिणाम भुगतने होंगे, लेकिन निर्दोष लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। नगर परिषद की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल खीचड़ ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और नगर परिषद में व्यवस्था ठप पड़ी है। उन्होंने सरकार से कार्रवाई की समीक्षा करने और आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद में जल्द आयुक्त नियुक्त करने की मांग की।