हनुमानगढ़ के नोहर क्षेत्र में टोल नाके के पास पिग फार्म का हिसाब-किताब करने पहुंचे एक दलित युवक के साथ मारपीट, जातिसूचक गालियां देने और कनपटी पर पिस्तौल लगाकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। करीब दो माह पुराने घटनाक्रम में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नोहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच-छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने राजपाल सिंह, अविनाश सिंह, रामनिवास और दो अन्य नकाबपोश आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो साल से साझेदारी में चला रहे थे पिग फार्म वार्ड नंबर 4, दुर्जाना निवासी राजेश मेहरा (29) पुत्र हरदत्त मेहरा ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपने गांव के ही संदीप भाटी के साथ पिछले करीब दो वर्षों से टोल नाके के पास गोपीराम भाटी के खेत में साझेदारी में पिग फार्म चला रहा है। संदीप भाटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक टोल नाके पर गार्ड का काम करता है। गार्ड ने बुलाया, पहुंचते ही गाली-गलौज का आरोप राजेश के अनुसार 24 जून 2026 की रात करीब 8 से 8.15 बजे वह संदीप के बुलाने पर टोल नाके पर पिग फार्म का हिसाब-किताब करने पहुंचा था। करीब 15 मिनट बाद टोल नाके पर गार्ड का काम करने वाला सुरेन्द्र सिंह पुत्र मानसिंह राजपूत शराब के नशे में वहां आया। आरोप है कि सुरेन्द्र सिंह ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उसका गला भी पकड़ा। संदीप के समझाने के बाद राजेश वहां से निकलकर अपने पिग फार्म की ओर चला गया। लाइट-कैमरे बंद करने के बाद बुलाए लोग शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद सुरेन्द्र सिंह फोन पर किसी को वहां जल्दी आने के लिए कहने लगा। थोड़ी देर में बिना नंबर की दो मोटर साइकिलों पर करीब पांच-छह लोग मौके पर पहुंचे। राजेश का आरोप है कि सुरेन्द्र ने उन्हें बताया कि उसने टोल नाके की लाइट और कैमरे बंद कर दिए हैं। गंडासे-पत्थरों से हमला, हवा में फायर करने का आरोप राजेश के अनुसार जैसे ही वह बाइक लेकर सड़क के पास टोल नाके पर पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए लोगों ने गंडासे और पत्थरों से हमला कर दिया। इसी दौरान एक व्यक्ति के हाथ में पिस्तौल थी, जिसने हवा में फायर किया। इसके बाद हमलावर उसे घसीटकर टोल नाके से करीब 100 मीटर दूर जल रही स्ट्रीट लाइट के पास ले गए। रोशनी में आरोपियों की पहचान बताई राजेश ने बताया कि वहां रोशनी में उसने राजपाल सिंह पुत्र महावीर सिंह के हाथ में पिस्तौल, अविनाश सिंह पुत्र महेंद्र सिंह राजपूत के हाथ में रॉड तथा रामनिवास पुत्र मनोज बेहड़ा के हाथ में डंडा व पत्थर देखा। दो अन्य व्यक्ति नकाबपोश थे और उनके हाथ में गंडासी व लाठी थी। आरोप है कि अविनाश सिंह ने राजेश के दाएं पैर के टखने पर रॉड से वार किया, जबकि रामनिवास ने सिर और कमर पर डंडे से चोट मारी। वहीं राजपाल सिंह ने पिस्तौल उसकी कनपटी पर लगाकर जान से मारने की धमकी दी। दो लोगों के पहुंचने पर आरोपी भागे इसी दौरान पवन जाट और हनुमान मेघवाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने हमलावरों को ललकारा। इसके बाद आरोपी राजेश को घायल अवस्था में छोड़कर वहां से फरार हो गए। हनुमान मेघवाल ने राजेश के फोन से उसके पिता को सूचना दी। पिता ने उसे रात करीब 12 बजे राजकीय चिकित्सालय नोहर में भर्ती करवाया। इलाज के बाद भी बिगड़ी तबीयत रिपोर्ट के अनुसार घटना के दौरान राजेश का फोन उसके पिता के पास था। इसी दौरान सुरेन्द्र सिंह के चाचा कुलदीप सिंह भाटी का फोन आया। आरोप है कि उन्होंने पुलिस कार्रवाई नहीं करने और पंचायत के माध्यम से समझौता करवाने की बात कही। राजेश ने बताया कि नोहर अस्पताल में उपचार के बाद अगले दिन उसे दवाइयां देकर घर भेज दिया गया। 25 जून की रात उसे सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद 27 जून को तबीयत अधिक बिगड़ने पर वह श्रीगंगानगर के आनंद हॉस्पिटल पहुंचा। जांच के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया गया। तीन दिन भर्ती रहने के बाद 30 जून की शाम करीब 5 बजे उसे छुट्टी दी गई। पंचायत में समझौते का आश्वासन, बाद में इनकार का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद भी वह और उसके पिता कुलदीप सिंह भाटी से संपर्क करते रहे, लेकिन हर बार पंचायत कर समझौता करवाने का आश्वासन दिया गया। बाद में समझौते की बात से इनकार कर दिया गया। SC-ST और आर्म्स एक्ट में मामला, सीओ कर रहे जांच पुलिस ने शिकायत के आधार पर राजपाल सिंह, अविनाश सिंह, रामनिवास तथा दो अन्य नकाबपोश आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, एससी-एसटी तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण का अनुसंधान नोहर वृत्ताधिकारी सुभाष चंद्र पूनिया को सौंपा गया है। पुलिस की ओर से मामले में नियमानुसार जांच की जा रही है।