केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पानी की कमी से जूझने वाले परिंदों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। घना में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जल संसाधन विभाग ने कुकुंद नदी और गंभीर नदी के बीच 1.25 किमी लंबी लिंक नहर बनाने की योजना पर काम शुरू किया है। योजना के तहत बांध बारेठा से कुकुंद नदी में आने वाले अतिरिक्त पानी को लिंक नहर के जरिए गंभीर नदी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पिचूना नहर, पिचूना नाला और अजान बांध के रास्ते इस पानी का उपयोग केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की जलापूर्ति के लिए किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से घना के परिंदों के लिए पानी जुटाने का एक अतिरिक्त रास्ता भी तैयार होगा और जल संकट के समय भी मिलेगी। अगस्त से मार्च तक 550 एमसीएफटी पानी की जरूरत केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को हर साल अगस्त से मार्च के बीच 550 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है। उद्यान की जलापूर्ति अजान बांध, गोवर्धन ड्रेन और चंबल-धौलपुर पाइपलाइन जैसी व्यवस्थाओं से जुड़ी है। पानी की कमी होने पर घना के जल क्षेत्र और पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में कुकुंद नदी के अतिरिक्त पानी को उपयोग में लाने की योजना महत्वपूर्ण है। सबसे अहम बात यह है कि घना को पानी सप्लाई देने के लिए शहर में एक-एक सप्ताह तक पानी सप्लाई बंद रहती है, जिससे आम लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ती है। जल्द काम शुरू करेंगे: सिंचाई विभाग के भरतपुर के एसई बनय सिंह ने बताया कि योजना तैयार हो गई है। इस पर जल्द ही काम शुरू करने वाले हैं। चोखंडा के पास बनेगा क्रॉस रेगुलेटर: जल संसाधन विभाग के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 1,378.98 लाख रुपए है। जो करीब 13.79 करोड़ रुपए है। कुकुंद नदी पर चोखंडा गांव के पास क्रॉस रेगुलेटर बनाया जाएगा, जो नदी के पानी को लिंक नहर की ओर मोड़ने में मदद करेगा। गंभीर नदी पर नहर के अंतिम छोर पर हेड रेगुलेटर बनेगा, जिससे पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सकेगा। नहर के शुरुआती 300 मीटर हिस्से में 11 मीटर चौड़ा आरसीसी एम-20 आयताकार ओवरफ्लो सेक्शन बनेगा। इसके बाद 300 से 1,250 मीटर तक 8 मीटर चौड़ा एम-15 पीसीसी ब्लॉक लाइनिंग वाला ट्रैपेजॉइडल नॉन-ओवरफ्लो सेक्शन बनेगा। कुकुंद नदी के दाएं किनारे पर कटाव रोकने के लिए 200 मीटर लंबा आरसीसी बायपास बनाया जाएगा। नदी सुरक्षा बांध पर पत्थरों से भरी तार-जाली वाली गैबियन संरचना और गंभीर नदी के सुरक्षा बांध की क्रॉसिंग पर आरसीसी बॉक्स कलवर्ट का निर्माण भी प्रस्तावित है।