राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में 7 जिलों में भारी घपले सामने आए हैं। घोटाले करने में डॉक्टरों और अस्पतालों की मिलीभगत सामने आई है। ऐसे 9 अस्पताल डिटेन किए गए हैं। 12 से अधिक डॉक्टरों की घपले में मिलीभगत मिली है। आरजीएचएस के तहत जांचों को बार-बार लिखने, बिना क्लिनिकल जरूरत वाली दवाएं लिखने और फर्जी आईडी व गलत हस्ताक्षरों से बार-बार जांचें करवाने के प्रकरण सामने आए हैं। जांच कराई गई तो जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, अलवर, दौसा समेत 9 बड़े अस्पताल घोटाला करते पाए गए। कई डॉक्टर संदेह के घेरे में हैं, लेकिन फिलहाल 3 डॉक्टरों की आईडी ब्लॉक की गई है। अस्पतालों के धन के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम को ही ब्लॉक किया गया है। लाखों की जांचें गलत पाई गईं और सरकारी भुगतान गलत तरीके से उठाने के प्रकरण सामने आए हैं। 7 जिलों में ऐसे किए घोटाले और कार्रवाई: डिजिटल मॉनिटरिंग से पकड़ी गड़बड़ी: आरजीएचएस में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक जांचों पर रोक लगाने के लिए लागू की गई प्री-ऑथराइजेशन व्यवस्था से क्लेम में 47 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 15 जुलाई से लागू इस व्यवस्था के तहत दो हजार रुपये से अधिक की जांचों के लिए प्री-ऑथराइजेशन अनिवार्य किया गया है।