जयपुर जंक्शन पर अब बिना टिकट किसी भी पैसेंजर को एंट्री नहीं मिलेगी, वहीं ट्रेन आने के केवल एक घंटे पहले स्टेशन परिसर में टिकट चेक करने के बाद ही एंट्री दी जाएगी। रेलवे ने आरक्षित और जनरल टिकट वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग एंट्री प्वाइंट बनाए हैं। इसके लिए एंट्री प्वाइंट पर आरपीएफ और कॉमर्शियल स्टाफ तैनात रहेगा। रेलवे ने दिवाली, छठ पूजा और ग्यारस पर बढ़ने वाली भीड़ का कंट्रोल करने के लिए यह तैयारी की है।प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करने और मेन एंट्री पर पैसेंजर्स का दबाव घटाने के लिए 1 नवंबर से हसनपुरा साइड की सेकेंड बिल्डिंग से निकास शुरू किया जाएगा। करोड़ों रुपए की लागत से तैयार इस बिल्डिंग से फिलहाल केवल बाहर निकलने की व्यवस्था रहेगी। यात्री सीधे एग्जिट गेट से पुरोहित जी की सर्किल पर निकल सकेंगे। इस दौरान स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गाड़ियों की एंट्री बंद रहेगी। 4 से 13 नवंबर तक बनेगा होल्डिंग एरिया, टेंट में मिलेगी पानी और लाइटिंग की सुविधा जयपुर स्टेशन डायरेक्टर जीसी गुप्ता ने बताया कि दिवाली, छठ पूजा और ग्यारस पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए टेंटेटिव प्लान बनाया गया है। इसके तहत 4 से 13 नवंबर तक स्टेशन पर यूनियन ऑफिस के सामने होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। यहां टेंट लगाने के साथ लाइटिंग, पानी और एटीवीएम से टिकट लेने की व्यवस्था रहेगी। स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा टिकट चेकिंग स्टाफ भी तैनात रहेगा। 80 होमगार्ड और अतिरिक्त सुरक्षा जवान संभालेंगे व्यवस्था गुप्ता ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवानों के साथ 80 होमगार्ड की तैनाती की मांग की गई है। इसके अलावा स्काउट्स के जवान भी मांगे गए हैं। ये जवान ट्रेनों से उतरने और चढ़ने वाले पैसेंजर्स को मैनेज करेंगे, ताकि ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय धक्का-मुक्की न हो। जरूरत पड़ने पर कुलियों की भी मदद ली जाएगी। मेन एंट्री पर 30 से 40 प्रतिशत तक कम होगा दबाव स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि पैसेंजर्स के बाहर निकलने के लिए हसनपुरा साइड की सेकेंड बिल्डिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां से एंट्री बंद रहेगी। रेलवे का लक्ष्य है कि सेकेंड एग्जिट शुरू होने से मेन एंट्री पर पैसेंजर्स का दबाव 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो सके। इससे स्टेशन पर भीड़ को मैनेज करने और पैसेंजर्स की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलेगी।