जयपुर की 'लेडी डॉन मिंटू' की हत्या के मामले का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया है। उसके पति और बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया- लेडी डॉन मिंटू उन्हें बेल्ट से पीटती थी। पति को उसके अवैध संबंध का भी शक था। जिससे बाप-बेटे ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव को कंबल में लपेटकर ऑटो से ले जाकर सूखे कुएं में फेंक दिया था। रिश्तेदारों के पूछने पर उसके जेल में होने की बात कह देते थे। घटना मुहाना थाना क्षेत्र की है। 15 महीने बाद पुलिस ने बुधवार को शव बरामद कर आरोपियों को पकड़ा। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया- लेडी डॉन सीमा चौधरी उर्फ मिंटू की हत्या के आरोप में उसके पति लालाराम (42) और बेटा हरिओम (20) निवासी किशोरपुरा, थाना मुहाना वर्तमान पता- प्लॉट नंबर बी-5, वृंदावन गार्डन के पीछे, देवराज नगर, मदरामपुरा, सांगानेर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हरिओम ऑटो चलाने का काम करता है और लालाराम मजदूरी करता है। मिंटू चौधरी उर्फ सीमा चौधरी 27 मई 2025 से घर से लापता थी। उसका मोबाइल भी उसी दिन से बंद था। 21 जुलाई 2025 को उसके बेटे हरिओम चौधरी ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पति और बेटे ने मिंटू चौधरी के न मिलने पर भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। डेढ़ साल पहले हत्या कर शव कुएं में छिपाने का खुलासा लेडी डॉन मिंटू चौधरी के नहीं मिलने पर पति और बेटे ने पुलिस से कभी पूछने नहीं गए। इसके चलते जांच के दौरान पुलिस को पति और बेटे पर शक हुआ। दोनों को रविवार को पकड़कर पूछताछ की गई । पूछताछ में पति ने बताया कि साल 2016 में मिंटू चौधरी से शादी हुई थी। शादी के बाद एक बेटा भी हुआ। तीनों किशोरपुरा थाना मुहाना क्षेत्र में रहती थे। वह हम से मारपीट और गाली-गलौज करती थी। विरोध करने पर उन्हें बेल्ट से पीटा जाता था। उस पर अवैध संबंध का शक था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि करीब डेढ़ साल पहले सोते हुए उसका गला घोंट दिया। हत्या कर शव को कंबल में लपेटकर करीब 4 किमी दूर गांव अचरावाला के पास स्थित एक सुनसान कुएं में फेंक दिया था। शव को ऑटो में रखकर ले गए थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुएं से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने खुद मामला दर्ज किया। मारपीट और अवैध सबंधों के शक में ली जान पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि मिंटू के परिजन और रिश्तेदार जब आरोपियों से उसके बारे में पूछते थे तो आरोपी उसे तिहाड़ जेल में बंद होना बताते थे। बाद में भरतपुर जेल में बंद होने की बात कही। मिंटू की बहन ने जब जेल प्रशासन से संपर्क किया तो दोनों जगह महिला के बंद होने की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद आरोपियों ने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए थाने में मिंटू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। मिंटू चौधरी पर 11 से ज्यादा मामले दर्ज थे मिंटू का असली नाम सीमा चौधरी था। वह जयपुर में 'लेडी डॉन' के नाम से जानी जाती थी। उसके खिलाफ 6 मुकदमे दर्ज थे। साल 2009 से 2025 तक उसके खिलाफ 11 से ज्यादा मामले दर्ज थे। 15 साल की उम्र में ऑटो चलाने लगी थी मिंटू मिंटू चौधरी मूलरूप से टोंक के मालपुरा की रहने वाली थी। उसके माता-पिता मजदूर थे। बचपन में ही मिंटू की मां का निधन हो गया था। ऐसे में पिता मोतीराम उसे लेकर जयपुर के पास मदरामपुरा गांव में आ गए थे। पिता मजदूरी करने के लिए अक्सर घर से बाहर रहते थे। ऐसे में उसकी परवरिश ठीक से नहीं हो सकी थी। 15 साल की उम्र से वह ऑटो चलाने लगी थी। साल 2009 में मिंटू चौधरी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। सबसे पहले उसके खिलाफ मारपीट का केस दर्ज हुआ था। 15 साल में मिंटू के खिलाफ 11 से ज्यादा केस दर्ज हुए। ज्यादातर केस 2010 से 2015 के बीच दर्ज किए गए।