श्री जगदीश धाम योजना के भूखंडधारकों की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाएं पुलिस के आश्वासन के बाद देर रात करीब 12 बजे नीचे उतर आईं। महिलाओं ने जमीन पर कब्जा नहीं मिलने और निर्माण कार्य के दौरान दबंगई किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया था। पुलिस ने उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद महिलाओं ने अपना प्रदर्शन खत्म किया। टंकी पर चढ़े लोगों के साथ मौजूद दौलत और हरिओम ने बताया कि उन्होंने 1998 में श्री जगदीश धाम योजना के नाम से पट्टे लिए थे। अचरोल गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड ने इसी नाम से कॉलोनी काटी थी। उनका कहना है कि जिस जमीन पर कॉलोनी काटी गई, उसे लेकर विवाद था और यहां तालाब होने के कारण जमीन पर स्टे आ गया। इसी वजह से भूखंडधारक पजेशन नहीं ले सके। 2005 में स्टे के बावजूद रजिस्ट्री कराने का आरोप दौलत और हरिओम के अनुसार 2005 में केस करने के बाद जमीन पर स्टे आया था। इसके बावजूद उनका आरोप है कि 2005 में पुनीत कर्णावट ने इस जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। 2022 में जमीन से जुड़े मामले में फैसला आया। इसके बाद पुनीत कर्णावट ने जेडीए से अप्रूवल लेकर इसी जमीन पर दूसरी कॉलोनी काट दी। भूखंडधारकों का कहना है कि इस जमीन पर उनके पहले से ही भूखंड हैं। भूखंडधारकों के अनुसार जब उन्हें दूसरी कॉलोनी काटे जाने की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अपने भूखंडों का पजेशन नहीं लेने दिया गया। उनका आरोप है कि अब पुलिस और दूसरे लोगों की ओर से उन्हें धमकाया जा रहा है। पुनीत कर्णावट से भी कई बार मुलाकात करने का दावा करते हुए उन्होंने डराने-धमकाने के आरोप लगाए। 206 भूखंडधारक, 13 को मिला पजेशन भूखंडधारकों के मुताबिक श्री जगदीश धाम योजना में कुल 206 भूखंडधारक हैं। इनमें से सिर्फ 13 लोगों को पजेशन मिला है। टंकी पर चढ़ी महिलाओं के भी इसी योजना में भूखंड हैं और वे लंबे समय से अपने भूखंडों का कब्जा मिलने का इंतजार कर रही हैं। प्रशासन के सामने रखी चार मांगें भूखंडधारकों ने मांग की कि डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट और गोविंद अग्रवाल को श्री जगदीश धाम योजना की जमीन पर काम करने से रोका जाए। योजना के निदेशक देशराज बैरवा और गौरी शंकर गुप्ता से भूखंडधारकों को तत्काल कब्जा दिलाने की मांग की गई। इसके अलावा निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा नहीं डालने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग रखी गई। भूखंडधारकों ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान पुलिस और आरोपी पक्ष के लोगों की ओर से किसी तरह की दबंगई नहीं की जाए। कर्णावट बोले- फर्जी पट्टों के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप, 2025 में दर्ज हुई FIR पुनीत कर्णावट ने आरोप लगाया कि पानी की टंकी पर चढ़े लोगों को कुछ लोग फर्जी पट्टों के जरिए ब्लैकमेल कर धन ऐंठने के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने बताया- इस मामले में 12 जून 2025 को प्रताप नगर थाने में FIR कराई गई थी। पुलिस जांच के दौरान आरोपियों को दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस दिए गए थे। कर्णावट ने दावा किया कि दस्तावेज फर्जी होने के कारण पुलिस पर दबाव बनाने के लिए टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि विवादित जमीन प्राइम बिल्ड होम प्राइवेट लिमिटेड ने साल 2005 में रजिस्ट्री के जरिए खरीदी थी और भुगतान चेक से किया था। कर्णावट ने कहा- अचरोल गृह निर्माण सहकारी समिति ने कभी 'जगदीश धाम' नाम से कोई योजना नहीं बनाई। इसका उल्लेख JDA के रिकॉर्ड और सहकारी समिति की सरकारी ऑडिट रिपोर्ट में भी होने का दावा है। उनके अनुसार साल 1976 से 2005 तक समिति ने जयपुर में कोई जमीन नहीं खरीदी। वहीं उसकी आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि वह विवादित जमीन खरीद सके। उन्होंने बताया कि 'जगदीश धाम योजना' के फर्जी पट्टों को लेकर 2022 की FIR पर पहले से जांच चल रही है। कर्णावट ने दावा किया कि जांच में देशराज बैरवा के बयानों में भी सामने आया है कि उसने खातेदारों से समिति के पक्ष में कोई एग्रीमेंट नहीं किया और न ही 'जगदीश धाम योजना' के पट्टे जारी किए थे। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में 3 महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ीं:डिप्टी मेयर समेत चार लोगों पर लगाए आरोप, पुनीत कर्णावट बोले- ये सोची समझी साजिश जयपुर में 3 अगस्त 2025 को सुबह तीन महिलाएं और तीन पुरुष पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। वे श्री जगदीश धाम योजना में भूखंड मालिक हैं। (पूरी खबर पढ़ें)