जयपुर में बीसलपुर का पानी चोरी छिपे बेचने के मामले में भास्कर के ‘ऑपरेशन पानी-चोर’ में खुलासे के बाद टैंकर माफिया ने मालवीय नगर पंप हाउस में तोड़फोड़ की। पानी भरने के ऑटोमैटिक सिस्टम को उखाड़ फेंका। कैमरे तोड़ दिए और वायरिंग को काट दिया। स्टिंग में सामने आया था कि ड्राइवर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा से ज्यादा पानी के टैंकर भर रहे थे और उसे बेच रहे थे। इसके बाद फर्म पर जलदाय विभाग ने 14 हजार का जुर्माना लगाया था। दरअसल, गुरुवार को टैंकर माफिया ने तोड़फोड़ की थी। शुक्रवार को मामला उजागर हुआ। ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए टैंकरों में भरे जाने वाले पानी और उनकी संख्या का रिकॉर्ड रखा जा रहा था। देखिए, दो PHOTO'S… गड़बड़ी रोकने के लिए लगाया था ऑटोमैटिक सिस्टम टैंकरों में पानी भरने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए मालवीय नगर पंप हाउस पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्काडा ऑटोमेशन सिस्टम लगाया गया था। इस तकनीक से टैंकरों में पानी भरने की प्रक्रिया ऑटोमैटिक तरीके से संचालित होती है। इसका उद्देश्य पानी की मात्रा और टैंकरों से जुड़ा रिकॉर्ड रखना था, ताकि सप्लाई की निगरानी की जा सके। सरकारी रिकॉर्ड में दिखाए गए टैंकरों से ज्यादा भरे जा रहे थे टैंकर जांच में सामने आया कि सरकारी रिकॉर्ड में जितने टैंकर दिखाए जा रहे थे, मौके पर उससे कहीं ज्यादा टैंकर भरे जा रहे थे। वहीं, मुफ्त सप्लाई के लिए भरे जाने वाले पानी को कंस्ट्रक्शन और दूसरी व्यावसायिक जरूरतों के लिए 300 से 400 रुपए में बेचने का मामला भी सामने आया था। एक्सईएन बोलीं- मामले की जांच कर रहे एक्सईएन मालवीय नगर नंदिनी गुप्ता ने बताया कि यह मामला मेरी जानकारी में आया है। मामले की जांच चल रही है। भास्कर ने जो स्टिंग किया है, हमने उस पर एक्शन लेते हुए फर्म के ऊपर 14 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आगे जो भी नियमानुसार होगा, हम कार्रवाई करेंगे। दरअसल, भास्कर एप ने 'जयपुर- पहली बार पानी माफिया का GPS लगाकर पीछा,VIDEO:घंटों सरकारी टैंकर्स की गिनती से सामने आया खेल, चोरी में पकड़े गए तो मामूली सजा’ में खुलासा किया था कि जयपुर में टैंकर माफिया चोरी-छिपे बीसलपुर का मीठा पानी 300 से 400 रुपए में बिल्डिंग और दूसरे कंस्ट्रशन से जुड़े कामों के लिए बेच रहे हैं। ये सच सामने लाने के लिए भास्कर ने जयपुर में 15 दिन ‘ऑपरेशन पानी-चोर’ चलाया। रिपोर्टर ने जयपुर के 3 प्रमुख पॉइंट पर 3 तरीके से इन्वेस्टिगेशन किया…. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…