जैसलमेर जिले के बडोड़ा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित रखना और उन्हें समाज में होने वाले संभावित खतरों से बचाना था। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में बच्चों को सरल और आसान भाषा में समझाया गया कि उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। इस दौरान सचिव ललित पुरोहित ने बच्चों के साथ स्कूल का मिड-डे मील (पोषाहार) खाया। सचिव के इस अनूठे और स्नेहपूर्ण अंदाज से बच्चों में गजब का उत्साह और खुशी देखने को मिली। पोषाहार की क्वालिटी की खुद जांच करने के बाद उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य को इसे और अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए, ताकि सभी बच्चों को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। किसी अनजान के बहकावे में ना आएं कार्यक्रम के दौरान बच्चों को यह सीख दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं और न ही किसी अजनबी के दिए गए प्रलोभन या पैसों के लालच में आएं। इस तरह की सावधानियां बच्चों को बाल तस्करी, अपहरण और शोषण जैसी गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रखने में बेहद मददगार साबित होती हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बच्चों को यह भी सिखाया कि यदि उन्हें कभी भी कोई संदिग्ध परिस्थिति दिखाई दे या किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े, तो वे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल करके अपनी सहायता के लिए तुरंत संपर्क कर सकते हैं। बच्चों के बीच खाया पोषाहार कार्यक्रम के सबसे खास और प्रेरणादायक क्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललित पुरोहित ने बच्चों के साथ स्कूल का मिड-डे मील (पोषाहार) खाया। सचिव के इस अनूठे और स्नेहपूर्ण अंदाज से बच्चों में गजब का उत्साह और खुशी देखने को मिली। पोषाहार की क्वालिटी की खुद जांच करने के बाद उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य को इसे और अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए, ताकि सभी बच्चों को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। पर्यावरण संरक्षण और ओजोन दिवस का संकल्प शिविर के दौरान बच्चों के साथ-साथ वहां मौजूद सभी शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण और ओजोन परत के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। सभी को यह संकल्प दिलाया गया कि वे अपने घरों और विद्यालयों में एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर का उपयोग सीमित तापमान यानी चौबीस से छब्बीस डिग्री के बीच ही करेंगे ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे। इसके साथ ही, पर्यावरण को हरा-भरा और स्वस्थ बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक नए पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया गया।