पर्यटन नगरी के ऐतिहासिक गड़ीसर झील परिसर में शनिवार को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय वायुसेना स्थल जैसलमेर के भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और एनसीसी कैडेट्स ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण पेश किया। स्वच्छ भारत अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़े के तहत आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान में लगभग 90 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह 7 से 10 बजे तक चले 3 घंटे के गहन श्रमदान के दौरान नन्हें स्काउट्स और कैडेट्स ने झील और आसपास के पूरे क्षेत्र को खंगाल कर 2 टन से भी अधिक कचरा एकत्रित किया। सफाई अभियान के तुरंत बाद विद्यार्थियों ने एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकालकर आमजन और पर्यटकों को सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों ने की सराहना सवेरे गड़ीसर झील पर भ्रमण के लिए निकले स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश से आए पर्यटकों ने जब छोटे बच्चों को स्वयं श्रमदान करते और कचरा उठाते देखा, तो वे भावविभोर हो उठे। नागरिकों ने विद्यार्थियों के इस अभूतपूर्व उत्साह, अनुशासन और सामाजिक चेतना की जमकर सराहना की। बच्चों की इस पहल ने झील पर मौजूद हर व्यक्ति को अपने शहर को स्वच्छ रखने की प्रेरणा दी। अनुभव और सामाजिक उत्तरदायित्व ही प्राथमिकता विद्यालय के प्राचार्य विशन सिंह राठौड़ ने बताया- विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। गड़ीसर झील जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व पर्यटन स्थल पर सफाई कार्य करने से बच्चों को सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बच्चों का यह प्रयास समाज में व्यापक बदलाव लाएगा। जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रयास कार्यक्रम समन्वयक एवं स्काउट प्रभारी सोहन बेनीवाल ने जानकारी दी कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित कर उन्हें देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है। कैडेट्स ने जिस समर्पण के साथ कार्य किया, वह सराहनीय है। इसी दौरान विद्यालय में भारत स्काउट एंड गाइड के ‘द्वितीय सोपान टेस्टिंग कैम्प’ का भी विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान एनसीसी प्रभारी बलवीर सिंह, नेताराम मीणा, ममता खत्री, निशा मीणा एवं सांवला राम सहित विद्यालय के कई शिक्षक मौजूद रहे और बच्चों का मार्गदर्शन किया।