जैसलमेर नगरपरिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। नाम वापसी के अंतिम दिन राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। निर्वाचन विभाग द्वारा तय समय सीमा के अनुसार मैदान में डटे 2 निर्दलीयों ने अपना नाम वापस ले लिया है। इनके नाम वापस लेने के बाद अब कांग्रेस और अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। अब कांग्रेस के निर्मल (रैयानी) पुरोहित और भाजपा के विजय डांगरा के बीच मुख्य मुकाबला होगा। 21 सितंबर को सभापति का चुनाव होगा, और उसी दिन रिजल्ट की भी घोषणा होगी। मुख्य मुकाबला इन चेहरों के बीच मुख्य मुकाबला अब कांग्रेस के निर्मल पुरोहित और भाजपा के विजय डांगरा के बीच है। दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने और बागी तेवरों को शांत करने में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। भाजपा की रणनीति: पार्टी खेमे में डैमेज कंट्रोल और अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के प्रयास जारी हैं। कांग्रेस का रुख: विपक्षी दल भी पूरी मजबूती के साथ चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने की जुगत में है।