श्रमिक महिला को बेटियों की शादी की सहायता राशि नहीं देने के मामले में पूर्व जालोर कलेक्टर एवं वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ जारी वारंट की तामील नहीं होने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने अब जालोर एसपी को तलब किया है। आयोग ने एसपी को 22 सितंबर को स्वयं उपस्थित होकर वारंट की तामील नहीं होने के कारणों का लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। मामले में आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वारंट तामील कराने के लिए पहले ही विशेष वाहक दस्ता भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसकी अनुपालना नहीं हुई। वारंट न तो तामील कराया गया और न ही तामील नहीं होने पर वापस आयोग को भेजा। ये है मामलाः शुभ शक्ति योजना के तहत नहीं मिली थी सहयोग राशि रानीवाड़ा क्षेत्र की मोवनी देवी ने अपनी बेटियों विमला और संगीता की शादी के लिए राजस्थान शुभ शक्ति योजना के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन किया था। राशि नहीं मिलने पर मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा था। इस मामले में आयोग ने 2 सितंबर 2021 को फैसला सुनाते हुए दोनों बेटियों के लिए 55-55 हजार रुपए यानि कुल 1.10 लाख रुपए की सहायता राशि देने के आदेश दिए थे। इसके साथ मानसिक-शारीरिक कष्ट एवं परिवाद व्यय के लिए 25 हजार रुपए भी देने को कहा था। इस तरह कुल 1.35 लाख भुगतान के आदेश हुए। श्रम विभाग की ओर से आयोग के आदेश के खिलाफ अपील की, लेकिन वह भी खारिज हो चुकी है। इसके बाद भी आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी की ओर से अवमानना/वसूली कार्रवाई शुरू कराई। उपभोक्ता आयोग ने प्रकरण 17/2021 मोवनी देवी बनाम जिला श्रम अधिकारी में आधिकारिक पत्र एसपी को भेजकर अप्रार्थी संख्या-2 पूजा पार्थ, श्रम आयुक्त जयपुर के खिलाफ वारंट जारी कर विशेष वाहक के जरिए तामील कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद वारंट की तामील नहीं होने पर आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। अब एसपी को 22 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताना होगा कि आयोग के निर्देशों के बावजूद वारंट की तामील क्यों नहीं हो सकी। इसके बाद आयोग आगे की कार्रवाई करेगा। यह खबर भी पढ़े…जालोर पूर्व कलेक्टर और श्रम आयुक्त के खिलाफ वारंट:बेटियों की शादी के 1.35 लाख नहीं दिए, एसपी को विशेष वाहक के निर्देश