बीमित वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद क्लेम खारिज करना ईफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए कंपनी को वाहन मालिक को 18 लाख रुपए की बीमित राशि 9 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए हैं। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई थी कार जालोर निवासी रमेशराज बोहरा के वाहन का बीमा 22 नवंबर 2023 से 21 नवंबर 2024 तक प्रभावी था। 3 जुलाई 2024 को जालोर-बिशनगढ़ रोड पर हुई दुर्घटना में उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन मालिक ने दुर्घटना की सूचना बीमा कंपनी को दी और कार को सर्विस सेंटर ले जाकर क्लेम फॉर्म भरा। इसके बाद कंपनी ने सर्वेयर नियुक्त किया। सर्वे में वाहन को 80 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त पाया गया। कंपनी ने इन आधारों पर खारिज क्लेम किया बीमा पॉलिसी में वाहन का घोषित बीमित मूल्य 18 लाख रुपए था। इसके बावजूद कंपनी ने 7 अक्टूबर 2024 को क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी ने दुर्घटना की सूचना देने में देरी और दुर्घटना के समय वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र वैध नहीं होने को क्लेम खारिज करने का आधार बताया। आयोग ने माना सेवा में दोष बीमा कंपनी के फैसले को गलत बताते हुए वाहन मालिक ने जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में परिवाद पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने बीमा कंपनी की सेवा में दोष मानते हुए परिवादी के पक्ष में आदेश दिया। आयोग ने कंपनी को 18 लाख रुपए की बीमित राशि 9 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ अदा करने के निर्देश दिए हैं।