कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों CJP समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर पहुंचे और नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ा। जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकते। केंद्र सरकार ने सोमवार को इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया था। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। इस दौरान दिल्ली पहुंचे CJP नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। उन्हें 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया था। CJP नेताओं को हिरासत में लेने की तस्वीरें… रविवार को CJP नेताओं ने पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी CJP के नेता सोमवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने को कहा था। पार्टी ने 24 घंटे के भीतर जवाब देने की मांग की थी। सौरव दास ने कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हर नागरिक का हक है और पुलिस को इसमें रोक-टोक नहीं करनी चाहिए। वहीं, आशुतोष रांका ने कहा था कि अगर 24 घंटे में जवाब नहीं मिला तो पार्टी आगे के आंदोलन की तारीख का ऐलान करेगी। इसके थोड़ी देर बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया। गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए। 2 दिन पहले ही 50 हजार के मुचलके पर छूटे थे सौरव दास व आशुतोष रांका को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो। CJP के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त क्यों; 4 वजह 1. SIR पर 14 बार आपत्ति: SIR को लेकर कॉकरोच पार्टी पहले से ही सवाल उठा रही है। इस बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट पब्लिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई। 2. वोटर लिस्ट पर सवाल: दोनों आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। 3. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति: एक मामले में फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ने पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। 4. डेटा और काम के बंटवारे पर चिंता: दोनों ने चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। वहीं, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश को भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया था। CJP का पिछला प्रदर्शन 36 दिनों का, धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ा इस्तीफा कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 20 जुलाई को CJP ने संसद तक का मार्च भी किया था। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को प्रदर्शन की अनुमति मांगने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़ें…