जसोल के श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी तादाद में श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे। उन्होंने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में श्रद्धा से दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने अपने और परिवार के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्री राणीसा भटियाणीसा के जयकारों से पूरा जसोल धाम भक्ति से भर गया। पंचमी के इस मौके पर मंदिरों को खास फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। इस दौरान पारंपरिक गैर नृत्य और ढोल-थाली की आवाज से मालाणी लोकसंस्कृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। श्रद्धा, भक्ति और लोकसंस्कृति के इस मेल ने मंदिर परिसर के माहौल को और भी सुंदर बना दिया। इसी मौके पर छप्पन भोग के लाभार्थी भीनमाल निवासी जितेंद्र सिंह ने सभी मंदिरों में श्रद्धा से छप्पन भोग चढ़ाया। इसके बाद यह प्रसाद जसोल धाम में मौजूद श्रद्धालुओं में बांटा गया। लाभार्थी परिवार ने सभी समाज की कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के लिए संस्थान द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। स्वच्छता एवं श्रद्धालु सेवा से जुड़े कार्मिक भी अपने निर्धारित स्थानों पर सक्रिय एवं सतर्क रहकर श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्थाओं के संचालन में लगे रहे। संस्थान के प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा, “जसोल धाम प्रत्येक श्रद्धालु की सेवा एवं सुविधा के लिए सदैव तत्पर है। प्रत्येक श्रद्धालु हमारे लिए सर्वोपरि है। संस्थान द्वारा श्रद्धालु सुविधाओं के निरंतर विस्तार, धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ करने तथा प्रत्येक आयु वर्ग के श्रद्धालु के लिए दर्शन को सहज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।