भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी की रात से चतुर्दशी तक श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में भक्तों की भीड़ रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री राणीसा भटियाणीसा समेत सभी मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। संस्थान ने भक्तों के लिए दर्शन, सुरक्षा, पीने का पानी, साफ-सफाई, भोजन प्रसादी और प्रसाद बांटने की व्यवस्था की थी। मंदिर परिसर में हुआ भव्य जागरण त्रयोदशी की रात को मंदिर परिसर में भव्य रात्रि जागरण हुआ। बाड़मेर के हड़वा गांव के मांगणियार कलाकारों ने लोक शैली में भजन गाए। संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल भी जागरण में मौजूद रहे। भजनों और मां जसोल के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। जागरण देर रात तक चला, जिसमें कई भक्त मौजूद रहे। मध्यरात्रि में श्री राणीसा भटियाणीसा समेत सभी मंदिरों की खास आरती हुई। इस मौके पर शानदार आतिशबाजी भी की गई। चतुर्दशी पर मंगला आरती से दर्शन के लिए लगी कतारें शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी पर प्रातः मंगला आरती से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। भक्तों ने कतारबद्ध होकर श्री राणीसा भटियाणीसा सहित समस्त मंदिरों में दर्शन लाभ लिया। दिनभर दर्शन का क्रम जारी रहा और श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। मीनाक्षी जांगिड़ परिवार रहा भोजन प्रसादी का लाभार्थी चतुर्दशी पर भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) की लाभार्थी मीनाक्षी जांगिड़, धर्मपत्नी सुरेश कुमार जांगिड़, निवासी पाली (राजस्थान) रहीं। लाभार्थी परिवार द्वारा भोजन प्रसादी का भोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात संस्थान की भोजनशाला में जसोल धाम पधारे श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी कराई गई। प्रातःकालीन छप्पन भोग जागीरदार राव परिवार, चामुंडेरी ने किया अर्पित प्रातःकालीन छप्पन भोग की लाभार्थी रुक्मण बाईसा, धर्मपत्नी विक्रमसिंह जागीरदार राव, चामुंडेरी रहीं। लाभार्थी परिवार में पुत्री-जवाईसा प्रियंका कंवर एवं पृथ्वीराजसिंह (पोसालिया), निवेदिता कंवर एवं सोहनसिंह जागीरदार राव (भीनमाल), दोहिता रुद्राक्ष सहित समस्त जागीरदार राव परिवार, चामुंडेरी सम्मिलित रहा। परिवार द्वारा श्री राणीसा भटियाणीसा सहित समस्त मंदिरों में श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग अर्पित किया गया। भोग अर्पण के पश्चात छप्पन भोग प्रसाद जसोल धाम पधारे श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। सायंकालीन छप्पन भोग चेनाराम देवासी परिवार ने किया अर्पित सायंकालीन छप्पन भोग के लाभार्थी चेनाराम देवासी, सुपुत्र पाबूदेवी एवं टीकमाजी देवासी, निवासी ग्राम डाभड़, तहसील गुड़ामालानी, जिला बाड़मेर रहे। परिवार में भाई पारस देवासी, पुत्र शिवधन प्रकाश एवं पुत्री अनिता देवासी भी सम्मिलित रहे। परिवार द्वारा श्रद्धाभाव से छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें प्रीतिभोज कराया गया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। समस्त मंदिरों में भोग अर्पण के बाद छप्पन भोग प्रसाद श्रद्धालुओं में धर्मभाव के साथ वितरित किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रही व्यापक व्यवस्था त्रयोदशी की रात्रि से चतुर्दशी तक श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए संस्थान द्वारा व्यवस्थाओं को व्यापक रूप दिया गया। दर्शन के लिए सुव्यवस्थित कतार, सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, भोजन प्रसादी एवं प्रसाद वितरण सहित श्रद्धालुओं की आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। संस्थान के सुरक्षाकर्मी एवं कार्मिक निर्धारित स्थानों पर तैनात रहे, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त हुआ। समस्त व्यवस्थाएं संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के मार्गदर्शन एवं संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल की निगरानी में संचालित की गईं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की गई और आवश्यकता के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार किया गया। त्रयोदशी की रात्रि में आयोजित भव्य जागरण, मध्यरात्रि आरती एवं आतिशबाजी से लेकर चतुर्दशी की मंगला आरती, भोजन प्रसादी, दोनों छप्पन भोग एवं कन्या पूजन तक जसोल धाम में श्रद्धा, सेवा और भक्तिभाव का वातावरण बना रहा।