राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल जावाल में चल रही 70वीं जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के दूसरे दिन 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के बीच कुल 10 मुकाबले खेले गए। अलग-अलग मैचों में खिलाड़ियों ने तेज खेल, शानदार पासिंग और गोल करने की क्षमता का प्रदर्शन करते हुए मैदान पर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। दिन के मुकाबलों में आन्दोर की टीम ने तीन जीत दर्ज की, जबकि शंकर विद्यापीठ, उम्मेद इंटरनेशनल आबूरोड, डीपीएस आबूरोड, सेंट एंसलम, लॉर्ड कृष्णा खेड़ा और रा.उ.मा.वि. उतारिया की टीमों ने भी अपने-अपने मुकाबले जीते। शंकर विद्यापीठ ने 3-0 से जीता मुकाबला दिन के पहले मुकाबले में 17 वर्ष छात्र वर्ग में शंकर विद्यापीठ और एस.टी. पॉल सिरोही के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। शंकर विद्यापीठ ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 3-0 से जीत दर्ज की। इसके बाद 19 वर्ष छात्र वर्ग में अजीत विद्या मंदिर सिरोही और उम्मेद इंटरनेशनल आबूरोड आमने-सामने हुए। उम्मेद इंटरनेशनल आबूरोड ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में 1-0 से जीत हासिल की। छात्रा वर्ग में भी दिखा रोमांच 17 वर्ष छात्रा वर्ग में रा.उ.मा.वि. झाडोली और डीपीएस आबूरोड के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें डीपीएस आबूरोड ने 3-0 से जीत दर्ज की। इसी वर्ग के एक अन्य मुकाबले में आदर्श डबारी को सेंट एंसलम ने 3-0 से मात दी। 19 वर्ष छात्रा वर्ग में रा.उ.मा.वि. जोशाला और सेंट एंसलम के बीच मुकाबला हुआ। सेंट एंसलम ने कड़े संघर्ष के बाद 1-0 से जीत अपने नाम की। आन्दोर की टीम का शानदार प्रदर्शन 17 वर्ष छात्र वर्ग में रा.उ.मा.वि. आन्दोर ने दिन के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने एचजीआई को 1-0 से हराया। इसके बाद आन्दोर ने कृष्णागंज के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाते हुए 5-0 से बड़ी जीत दर्ज की। आन्दोर ने एचजीआई के खिलाफ एक अन्य मुकाबले में भी दमदार प्रदर्शन किया और 5-0 से जीत हासिल की। अंतिम दो मुकाबलों में भी दिखा गोल का रोमांच 9वें मुकाबले में लॉर्ड कृष्णा खेड़ा ने सेंट जॉन्स आबूरोड को 3-0 से हराया। दिन के अंतिम मुकाबले में 17 वर्ष छात्र वर्ग में रा.उ.मा.वि. उतारिया और उम्मेद इंटरनेशनल के बीच मैच हुआ। उतारिया ने शानदार खेल दिखाते हुए 5-0 से जीत दर्ज की। खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह प्रतियोगिता के दौरान मैदान पर मौजूद खेल प्रेमियों, शिक्षकों और खेल अधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की ऊर्जा और खेल भावना ने प्रतियोगिता के माहौल को जीवंत बनाए रखा।