झालावाड़ के गेहूखेड़ी में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-3 पर 'आंगन मिलन सेवा समारोह' हुआ। यह कार्यक्रम विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसका मकसद बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। आयुष्मान आरोग्य केंद्र की प्रभारी डॉ. सोनिका मीणा ने संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी। उन्होंने 6 साल से कम उम्र के बच्चों के शुरुआती मानसिक, शारीरिक और रचनात्मक विकास के महत्व पर बात की। डॉ. मीणा ने अभिभावकों को बच्चों की नियमित देखभाल, सही पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों के अच्छे विकास के लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानीय समुदाय के करीब लाना था, ताकि अभिभावकों और आम लोगों की भागीदारी से बच्चों के विकास और पोषण से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर बनाया जा सके। केंद्र की कार्यकर्ता तबस्सुम ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर चलाया जा रहा है। यह 'सेवा संकल्प' और 'विकसित भारत जन सेवा अभियान' का हिस्सा है। तबस्सुम ने यह भी बताया कि ऐसे आयोजनों से आंगनबाड़ी केंद्रों से समुदाय का जुड़ाव बढ़ता है और बच्चों व महिलाओं से जुड़े विषयों पर जागरूकता पैदा करने में मदद मिलती है। समारोह में महिला पर्यवेक्षक मांगीबाई मीना और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में तबस्सुम, कंचन बाई, लीला बाई, कौशल्या बाई शामिल थीं। सहायिका संतोष बाई, हीराबाई और आशा कार्यकर्ता कौशल्या बाई का भी सम्मान हुआ। इस दौरान बच्चों और अभिभावकों में काफी उत्साह दिखा। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों से केंद्र और समुदाय के बीच बातचीत को मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चों के लिए सकारात्मक और सीखने वाला माहौल बनाना तथा अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाना है।