कोटा के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में झालावाड़ जिले के घाटोली थाने में तैनात कॉन्स्टेबल मनोज मालव को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। इस पर कई खुलासे हुए हैं। झालावाड़ पुलिस से सोमवार देर रात मिली सूचना के आधार पर कोटा विज्ञान नगर थाना पुलिस और DST टीम ने कॉन्स्टेबल मनोज को पकड़ा था। उसके पास से 13 लाख 94 हजार 500 रुपए मिले थे। पुलिस को आशंका है कि यह रकम मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई थी। पूछताछ के दौरान कॉन्स्टेबल नकदी के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने उसकी कार की जांच की और मोबाइल फोन जब्त कर लिया। मोबाइल की जांच में कोटा के मादक पदार्थ तस्करों से उसकी बातचीत और चैट सामने आने की बात भी आई है। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी कॉन्स्टेबल को NDPS एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया है। झालावाड़ के तस्कर से खरीदकर कोटा के तस्कर को बेची स्मैक जांच में सामने आया कि कॉन्स्टेबल मनोज मालव ने झालावाड़ के तस्कर नैन सिंह से मादक पदार्थ खरीदा था और कोटा में पप्पन, यश मीना सहित एक अन्य व्यक्ति को बेचा था। कोटा पुलिस ने आरटीओ ऑफिस के पास उसकी कार रुकवाई तो वह घबरा गया। उसने पुलिस को बताया कि वह कोटा में प्लॉट खरीदने आया था। पूछताछ के दौरान उसने कोटा के तस्करों के नाम और उनके मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए। पुलिस के अनुसार- कॉन्स्टेबल मनोज किसी अन्य तस्कर के अधीन काम नहीं करता था। बल्कि खुद मादक पदार्थ खरीदकर बेचता था। वह अकेले ही इस काम को अंजाम देता था, ताकि किसी को उस पर शक नहीं हो। दो महीने से निगरानी कर रही थी झालावाड़ पुलिस पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार- झालावाड़ पुलिस करीब दो महीने से कॉन्स्टेबल मनोज मालव की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। उसके मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसके बाद उसकी रेकी करने के साथ ही उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। पुलिस को जब उसके कोटा में तस्करी के लिए आने की सूचना मिली तो संबंधित टीमों को अलर्ट किया गया। इसके बाद विज्ञान नगर थाना पुलिस और DST की टीम ने कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया। घाटोली और अकलेरा से खरीदता था मादक पदार्थ प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कॉन्स्टेबल लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त था। वह झालावाड़ जिले के घाटोली और अकलेरा क्षेत्र से सीधे मादक पदार्थ खरीदता था। इसके बाद उन्हें कोटा और आसपास के इलाकों में बेचने के लिए लेकर आता था। वर्दी में होने से शक नहीं होने का उठाता था फायदा पुलिस के अनुसार- कॉन्स्टेबल मनोज मालव घाटोली थाने में आसूचना अधिकारी के पद पर तैनात था। घाटोली क्षेत्र को मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वहां तैनात रहने के दौरान उसके कई तस्करों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि वह इन संपर्कों का फायदा उठाकर मादक पदार्थ खरीदता और कोटा सहित आसपास के क्षेत्रों में बेचता था। वर्दी में पुलिसकर्मी होने के कारण उस पर आसानी से किसी को शक नहीं होता था। इसी का फायदा उठाकर वह तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। मोबाइल में मिले कोटा के तस्करों से संपर्क कॉन्स्टेबल को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया। मोबाइल की जांच के दौरान कोटा के कुछ तस्करों के साथ उसकी बातचीत और चैट सामने आने की जानकारी मिली है। पुलिस ने जब संबंधित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई तो उनमें से कुछ के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज होने की बात सामने आई। इसके बाद कॉन्स्टेबल के खिलाफ भी NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस अब उसके मोबाइल में मिले संपर्कों और बातचीत के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साल 2015 में पुलिस में भर्ती हुआ था कॉन्स्टेबल जानकारी के अनुसार- आरोपी मनोज मालव साल 2015 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। वह झालावाड़ जिले के सारोला क्षेत्र का रहने वाला है। वह शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं।