झालावाड़ के पिड़ावा, पचपहाड़ और सुनेल तहसील में खेती के लिए गागरिन मध्यम सिंचाई परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। आहू नदी पर कालापीपल (देवगढ़) गांव में बना गागरिन बांध 2016 से पानी जमा कर रहा है। पीने के लिए 10 एमसीयूएम पानी आरक्षित है। परियोजना में पहले ग्रेविटी फ्लो प्रणाली से 32 गांवों की 9,999 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा देने की योजना थी। अब इसे स्प्रिंकलर (फव्वारा) और प्रेशर सिंचाई प्रणाली में बदला गया है, जिससे पानी का बेहतर इस्तेमाल होगा। पानी की बचत से अब 13 अतिरिक्त गांवों की 5,000 हेक्टेयर जमीन को भी सिंचाई मिलेगी। कुल 45 गांवों की 15,000 हेक्टेयर खेती को स्प्रिंकलर पद्धति से फायदा मिलेगा। सौर ऊर्जा का भी इस्तेमाल होगा, जिससे पानी और बिजली बचेगी। सिंचाई बढ़ने से पैदावार और किसानों की आय सुधरेगी।