झुंझुनूं नगर परिषद में कांग्रेस ने सभापति पद पर कब्जा जमा लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान ने भाजपा के मनु धनखड़ को 10 वोटों के अंतर से हराया। अब्दुल्ला को 35 और मनु धनखड़ को 25 वोट मिले। जीत के बाद अब्दुल्ला अगवान ने शहर के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। उनका कहना है कि टूटी सड़कों, जलभराव और चरमराई सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। सभी पार्षदों को साथ लेकर बिना भेदभाव पूरे शहर का विकास किया जाएगा। सभापति बनने के बाद अब्दुल्ला अगवान से भास्कर संवाददाता इम्तियाज भाटी ने शहर की प्राथमिकताओं और चुनौतियों को लेकर बातचीत की। पढ़िए… बातचीत के प्रमुख अंश सवाल: 35 वोट लेकर आप सभापति चुने गए हैं। जीत के बाद शहर के लिए आपका पहला बड़ा एजेंडा क्या रहेगा? अब्दुल्ला अगवान: सबसे पहली प्राथमिकता टूटी सड़कों और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। हमारा प्रयास रहेगा कि काम सिर्फ कागजों पर नहीं हो, बल्कि जमीन पर दिखाई दे। शहर के लोगों को विकास का वास्तविक बदलाव महसूस होना चाहिए। सवाल: सभापति बनने के बाद आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है? अब्दुल्ला अगवान: सबसे बड़ी चुनौती शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना है। पिछले डेढ़-दो साल में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। चैंबर, नालियां और जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। हमारा प्रयास रहेगा कि शहर साफ-सुथरा हो और लोगों को इन समस्याओं से निजात मिले। सांसद महोदय का भी उद्देश्य है कि उनके सुपरविजन में शहर का अधिक से अधिक विकास हो। हम मिलकर उसी दिशा में काम करेंगे। सवाल: 60 वार्ड हैं और 60 अलग-अलग पार्षद हैं। सभी को साथ लेकर चलना कितना चुनौतीपूर्ण होगा? अब्दुल्ला अगवान: हां, यह बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन पूरा झुंझुनूं शहर हमारा है। हम किसी तरह का भेदभाव नहीं करेंगे। सभी पार्षदों को साथ लेकर चलेंगे और हर वार्ड में जरूरत के हिसाब से विकास कार्य करवाने का प्रयास करेंगे। हमारा लक्ष्य पूरे शहर का समान विकास है।