झुंझुनूं नगर परिषद में सभापति के बाद अब उपसभापति पद पर भी कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। मंगलवार को हुए उपसभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र डारा ने भाजपा के बुधराम सैनी को 28 वोटों के बड़े अंतर से हराया। वीरेंद्र डारा को 44 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी बुधराम सैनी के खाते में 16 मत आए। 60 पार्षदों ने किया मतदान झुंझुनूं नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। उपसभापति पद के चुनाव में सभी 60 पार्षदों ने मतदान किया। मतगणना के बाद वीरेंद्र डारा को 44 और बुधराम सैनी को 16 वोट मिले। इस तरह डारा ने 28 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। 30 कांग्रेस, 15 भाजपा और 15 निर्दलीय नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 30 वार्डों में जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा के खाते में 15 सीटें आई थीं। इसके अलावा 15 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। ऐसे में कांग्रेस के पास बहुमत के लिए जरूरी 31 के आंकड़े से एक सीट कम थी। सभापति चुनाव में निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा के साथ आए थे। उपसभापति चुनाव के नतीजे में भी कांग्रेस को व्यापक समर्थन मिला और डारा 44 वोट हासिल करने में सफल रहे। कल अब्दुल्ला अगवान बने थे सभापति इससे एक दिन पहले सोमवार को हुए सभापति पद के चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल्ला अगवान ने भाजपा के मनु धनखड़ को 10 वोटों से हराया था। अगवान को 35 वोट, जबकि मनु धनखड़ को 25 वोट मिले थे। 60 सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस ने सभापति और अब उपसभापति दोनों पदों पर जीत दर्ज की है। सांसद ओला के करीबी नेताओं में शामिल वीरेन्द्र डारा को सांसद बृजेन्द्र ओला के करीबी और विश्वसनीय नेताओं में गिना जाता है। यही वजह है कि सांसद ओला ने खुद आगे आकर उनकी उम्मीदवारी का ऐलान किया। अब उपसभापति चुनाव में कांग्रेस उनके नाम के साथ मैदान में उतरेगी।