जोधपुर एम्स में रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के मामले में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन पुरी को हटा दिया गया है। उनकी जगह जम्मू एम्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संजीव सिन्हा को चार्ज सौंपा गया है। प्रशासन के इस फैसले के बाद जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने रविवार को हड़ताल खत्म कर दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के हस्तक्षेप के बाद एम्स प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच मांगों को लेकर सहमति बनी। दरअसल, एम्स में ड्यूटी के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव (29) का 22 सितंबर को रेस्ट रूम के बाथरूम में शव मिला था। इसके बाद गुरुवार से रेजिडेंट डॉक्टर्स डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। रविवार दोपहर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एम्स पहुंचे थे। यहां उन्होंने डायरेक्टर सहित एम्स के अन्य अधिकारियों के साथ वार्ता की। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच ओपीडी पहुंचे और फैसले की जानकारी दी। तब रेजिडेंट ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। शेखावत बोले- स्टूडेंट शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के बाद स्टूडेंट शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। जोधपुर का जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी जिम्मेदारी थी कि मरीज जिस तरह से परेशान हो रहे हैं, ऐसे में बीच का कोई रास्ता निकला जाए। कल भी रेजिडेंट और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद चिकित्सा मंत्री को इसकी जानकारी दी। चिकित्सा मंत्री के इंटरवेंशन के बाद सरकार के स्तर पर निर्णय हुआ। डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी को तुरंत प्रभाव से पदमुक्त करके दिल्ली बुला लिया गया है। जहां उनको जो कार्य सौंपा जाएगा, वो जिम्मेदारी निभाएंगे। चार प्रोफेसर की कमेटी बनेगी उन्होंने कहा- जब तक जोधपुर एम्स में परमानेंट डायरेक्टर की नियुक्ति नहीं होती है, तब तक जम्मू एम्स के डायरेक्टर को चार्ज दिया गया है। साथ ही पांच दिन में चार प्रोफेसर की एक कमेटी बनाई जाएगी। जो डे-टू-डे एक्टिविटी को देखेगी। स्टूडेंट्स ने हड़ताल समाप्त कर दी है। ये है मामला जोधपुर एम्स में ड्यूटी के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव (29) पुत्र नरेश कुमार की 22 सितंबर को रेस्ट रूम के बाथरूम में मौत हो गई थी। राजनरेश एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी के लिए आए थे। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई गई थी। राजनरेश का बड़ा भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर है। उनके पिता गांव में ही रहते हैं। मृतक ने एम्स से MBBS किया था। इसके बाद यहीं से PG कर रहा था। ये थी मांगें रेजिडेंट डॉक्टर्स की मांग थी कि मामले में एम्स डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी इस्तीफा दें। एडमिनिस्ट्रेशन सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही परिवार को मुआवजा दिया जाए। ये भी पढ़ें… रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिला एम्स का रेजीडेंट,मौत:इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका, एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी करने आया था