जोधपुर शहर में ज्योतिषी की ओर से महिला से 11 लाख रुपए और सोने के गहने ठगने का मामला सामने आया है। ज्योतिषी ने महिला को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था और खुद की बड़े अधिकारियों से जान-पहचान बताई थी। ज्योतिषी ने फोन पर खुद किसी और व्यक्ति का नाम लेकर बात की। इस तरीके से पीड़िता को षड्यंत्र का पता चला। पीड़िता की रिपोर्ट पर बासनी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। धार्मिक अनुष्ठान और टोटके करने का भी बोला था ठग पीड़िता चंचल राठौड़ निवासी महादेव नगर, बासनी, मूल निवासी झाक, बिलाड़ा ने बताया कि वो बीएसटीसी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। जनवरी 2025 में वह अपनी बहन के साथ सांगरिया फांटा स्थित ज्योतिषी महाबली प्रिंट्स व ज्योतिषी समाधान नाम की दुकान पर गई। वहां भूपेश कुमार दवे नाम का व्यक्ति मिला था। उसने नौकरी का झांसा देकर कुछ धार्मिक अनुष्ठान और टोटके करने की सलाह दी। इसके बाद आरोपी ने खुद को और अपने परिचितों को बड़े पदों पर होना बताकर विश्वास में लिया। उसने नौकरी के लिए टोटके और धार्मिक अनुष्ठान करने की सलाह दी। उसने अपने मोबाइल नंबर देकर कहा कि उसके कई चेले सरकारी नौकरी में अच्छे पदों पर हैं। कुछ दिन बाद जब पीड़िता ने फोन किया, तो ठग ने कहा कि उसने अपने सर उमेश से बात कर ली है, जो उसकी बेटी को भी नौकरी लगवा चुके हैं। उमेश से संपर्क करने पर उसने पीड़िता से शैक्षणिक दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए और कहा कि बिलाडा के पास लाइब्रेरियन का पद खाली है, जिसे वह आसानी से लगवा देगा। इसके बाद कभी फॉर्म भरने के नाम पर, तो कभी दस्तावेज, तीन साल का अनुभव प्रमाण-पत्र, गारंटर और लैंग्वेज कोर्स के नाम पर अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर करवाए गए। शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों का लिया नाम पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों का भी नाम लिया। आरोपी ने झांसा दिया कि उनकी फाइल जयपुर और जोधपुर के अधिकारियों के पास प्रोसेस में है। मार्च 2025 में कंप्यूटर कोर्स की मार्कशीट और हलफनामे के नाम पर 20,000 रुपए मांगे गए। जब पीड़िता ने असमर्थता जताई, तो आरोपी भूपेश ने कहा कि वह अपनी मां के ऑपरेशन के लिए गुजरात गया हुआ है। वह अपने गहने उसकी पत्नी ज्योति दवे व बेटी पूजा दवे को दे दे। पीड़िता ने कान के छोटे और बड़े दो जोड़े गहने ज्योतिषी की दुकान पर दे दिए। फाइल पास करवाने के नाम पर ऐंठे रुपए और गहने पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने बिलाडा के एक BDO के नाम से फाइल पर साइन करने के एवज में 1 लाख 70 हजार रुपए की मांग की। पीड़िता ने अपने पिता गंगा सिंह से 1 लाख रुपए उधार लेकर भूपेश को दिए। बाकी 70 हजार रुपए के लिए सास की चैन और अंगूठी गिरवी रखवाकर भूपेश को सौंपकर व्यवस्था की गई। इसके बाद भी कभी ज्वॉइनिंग से पहले पूछताछ रोकने के नाम पर तो कभी नए अधिकारी के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रुपए और सोने की रखड़ी, हाथ की पूंछ व गले की कंठी जैसी बहुमूल्य वस्तुएं ठग ली गईं। पीड़िता को बाद में पता चला कि उमेश कोई और नहीं बल्कि खुद भूपेश ही है, जो ठगी करने के लिए यह षड्यंत्र रच रहा था। जब पीड़िता ने उन सभी नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपना फोन बंद कर दिया। उसके बाद पीड़िता थाने पहुंची और मामला दर्ज करवाया।