राजस्थान हाईकोर्ट की बिल्डिंग निर्माण में गड़बड़ियों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले को लेकर DGP राजीव कुमार शर्मा आज (मंगलवार) जोधपुर पहंचे हैं। हाईकोर्ट बिल्डिंग निर्माण में गड़बड़ी के मामले में DGP कोर्ट में पेश हुए और जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है। उसमें जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले एविडेंस के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जोधपुर में हुई क्राइम मीटिंग में DGP ने बॉर्डर क्षेत्रों की सुरक्षा और मजबूत करने पर जोर दिया। अपराध नियंत्रण के साथ संवेदनशील इलाकों में पुलिस निगरानी बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। हाईकोर्ट में डीजीपी राजीव शर्मा ने कुड़ी थाने में दर्ज हाईकोर्ट बिल्डिंग निर्माण मामले को लेकर स्पष्ट किया कि किसी भी जांच में जो भी गिरफ्तारी होती है, जिसमें किसी के विरूद्ध जांच में अपराधिक कृत्य सामने आता है तो उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। हाईकोर्ट बिल्डिंग निर्माण के मामले में भी जांच में अपराधिक कृत्य पाए जाने पर गिरफ्तारियां की गई है। आगे भी जांच में जिसकी भी लिप्तता आएगी, इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट में पेश होने के बाद जोधपुर स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय में डीजीपी राजीव शर्मा ने पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग ली। उन्होंने मीटिंग से पहले पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस विभाग में किए हुए नवाचार के बारे में बताया। DGP जोधपुर के बाद जैसलमेर- बाड़मेर बॉर्डर का दौरा भी करेंगे। पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचने पर मंगलवार को डीजीपी राजीव शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां DGP राजीव शर्मा ने क्राइम मीटिंग में बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर जोर दिया। अपराधों की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शहर और प्रमुख क्षेत्रों में 5 हजार CCTV कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। बैठक में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने को लेकर भी मंथन हुआ। बेहतर पुलिसिंग और सुरक्षा को लेकर डीजीपी बोले डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा कि वहां की सुरक्षा को किस तरह से हम अच्छा कर सकते हैं, वहां के लोगों को किस तरह से बेहतर पुलिसिंग दे सकते हैं। इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से ड्रग तस्करी, हथियार गिराने के मामले सामने आते हैं। ऐसे मामलों में जागरूक नागरिक पुलिस का सहयोग करते हैं तो कई तरह के मामलों को रोका सकता है। 5 हजार से ज्यादा CCTV कैमरे लगाने के लिए स्वीकृति DGP ने कहा कि बॉर्डर पार तस्करी से लेकर अपराध रोकने के लिए 5 हजार से ज्यादा CCTV कैमरे लगाने के लिए स्वीकृति सरकार की तरफ से आ चुकी है। जिसमें बॉर्डर के थाना क्षेत्रों, इंटर बॉर्डर ओर जिन जगहों पर अपराध ज्यादा है, वहां पर कैमरे लगाए जाएंगे। इसको लेकर DOIT को जगहों के बारे में चिन्हित कर बताया जा चुका है। जल्द ऐसे स्थानों पर कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। जिससे बॉर्डर से लेकर संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। साइबर क्राइम को रोकने के लिए लगातार कोशिश डीजीपी ने कहा कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए लगातार हम काम कर रहे हैं। वर्तमान में एक पुलिस अधीक्षक ओर कई अधिकारियों को इसमें लगाया है। जिसमें इस तरह के केसों की गहनता से ओर प्रभावी जांच हो। गुमशुदगी के मामलों को लेकर कहा कि ऐसे मामले में बरामदगी का रिकॉर्ड अच्छा है। आंकड़ा इसलिए बढ़ा है कि गत समय में अनिवार्य किया गया है कि मिसिंग रिपोर्ट लिखी जानी चाहिए।