जोधपुर नगर निगम के मेयर पदों को लेकर 25 सितंबर को चुनाव होने हैं। मेयर पद के लिए भाजपा ने प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था। सोमवार को दोनों दलों ने एक-दूसरे के प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर ऑब्जेक्शन दर्ज करवाया है। कांग्रेस ने रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे ऑब्जेक्शन में बताया कि भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता ने अपनी और पत्नी से संबंधित प्रॉपर्टी और मूल्यवान चीजों की जानकारी शपथ पत्र में छिपाई है। वहीं, भाजपा की ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी को लेकर ऑब्जेक्शन लगाया कि उन्होंने उन पर हुई एफआईआर से संबंधित तथ्यों की जानकारी नहीं दी। दोनों दलों के लीगल एडवाइजर की ओर से ऑब्जेक्शन का जवाब रिटर्निंग अधिकारी को पेश करना होगा। कांग्रेस का दावा: मामलों में एफआर लग चुकी है, शिकायत में कोई डॉक्यूमेंट पेश नहीं किया कांग्रेस के विधि विभाग के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया- प्रसन्नचंद मेहता के प्रस्तावक चैन सिंह इंदा की ओर से एक एप्लीकेशन दी गई है। इसमें बताया कि राजेंद्र सोलंकी ने नॉमिनेशन में संबंधित एफआईर की जानकारी नहीं बताई है। ये आरोप निराधार है। ये आपत्ति प्रशासन के दबाव में पेश की गई है। उन्होंने बताया कि 2016 में जो एफआईआर पेश हुई थी, उसमें राज्य सरकार ने अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी थी। इसमें एफआर लग चुकी थी और कोर्ट ने भी स्वीकार कर लिया था। जोशी ने बताया कि एक ऑब्जेक्शन प्रसन्न चंद मेहता के नॉमिनेशन को लेकर हमने पेश किया है। उन्होंने शपथ पत्र में कुछ तथ्य छिपाए हैं। मूल्यवान वस्तुओं का न तो नाम बताया गया और न ही इनके वजन आदि की जानकारी। इस आधार पर हमने ​नॉमिनेशन निरस्त करने की अपील की है। राजेंद्र सोलंकी के केस में एफआर लग चुकी वहीं कांग्रेस विधि विभाग के उपाध्ययक्ष अनिल गौड़ ने बताया- राजेंद्र सोलंकी की ओर से शपथ पत्र में जो तथ्य दिए थे, वे बिल्कुल सही है। जिस एफआईआर का जिक्र किया जा रहा है, उसमें एफआर लगा दी थी। इतना ही नहीं भाजपा की ओर से जो शिकायत दी है, उसमें किसी तरह का कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिया गया है। केवल दबाव के लिए ये किया गया है, ताकि शिकायत के माध्यम से फॉर्म रिजेक्ट हो जाए। भाजपा का दावा: सोलंकी के खिलाफ चल रहे मामलों की जानकारी नहीं दी वहीं इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि राजेंद्र सोलंकी की ओर से जो फॉर्म पेश गिया गया था, उसमें उनके खिलाफ केस निल बताए गए। इसलिए हमने ऑब्जेशक्शन लगाया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से प्रसन्नचंद मेहता के लगाए ऑब्जेक्शन को लेकर वे बोले- शपथ पत्र में केवल मूल्यवान राशि ही होती है। उसकी जानकारी उस नॉमिनेशन फॉर्म में लिखी है।