जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत सामने आई है। कॉलेज प्रशासन को भेजे गए एक मेल में करीब 90 स्टूडेंट्स के मोबाइल नंबर दिए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि छात्रों पर सीनियर्स को ‘बॉस’ कहकर बुलाने का दबाव बनाया गया। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मामले को लेकर हुई बातचीत में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है। ये शिकायत यूजीसी यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन पोर्टल की एंटी रैगिंग टीम को की गई थी। बताया जा रहा है कि ये शिकायत मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल से संबंधित है। हालांकि, इसमें शिकायतकर्ता ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त रखी। मेल में शिकायत की है कि 90 सीनियर स्टूडेंट के नंबर दिए और इन्हें बॉस कहकर संबोधित करने के लिए कहा गया है। यूजीसी में शिकायत मिलने के बाद इसे जोधपुर एसएन मेडिकल कॉलेज एंटी रैगिंग टीम को भेजा गया है। इस पर उन्होंने इस ​शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि इसे लेकर गुरुवार को मीटिंग हुई थी और टीम हॉस्टल भी गई थी। फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट को दूसरे नए हॉस्टल में शिफ्ट करेंगे। शिकायत में 90 लोगों के नंबर दिए, कहा- बॉस कहकर बोलना है डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. योगीराज जोशी ने बताया कि बुधवार दोपहर को शिकायत का मेल आया था। ये शिकायत गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी हुई है। हालांकि, ये शिकायत किसने की है, इसके बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन, शिकायत में बताया गया है कि एक सीनियर ने 90 लोगों के नंबर भेजे और कहा गया कि इन्हें बॉस कहकर बुलाना है और इनसे आई कॉन्टैक्ट नहीं करना है। ​प्रिंसिपल बोले- टीम गई थी, अभी ऐसा कोई मामला नहीं आया इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि शिकायत के बाद टीम कल हॉस्टल गई थी। गुरुवार को भी इसे लेकर मीटिंग हुई थी। टीम हॉस्टल पहुंची और स्टूडेंट से बातचीत की। अभी तक ऐसा कोई इशू सामने आया नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी ऐसी शिकायत आई थी, लेकिन जांच में कोई सामने नहीं आया था। अध्यक्ष बोले- मामले की जांच चल रही है इस मामले को लेकर एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जोशी ने बताया कि मामला सामने आने के इसकी जांच शुरू कर दी है। जिस हॉस्टल से शिकायत की गई थी, वहां 24*7 वार्डन और केयर टेकर रहते हैं। हॉस्टल वार्डन से भी पूछा, लेकिन ऐसा अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि ये शिकायत भी सीधे यूजीसी को हुई, जिसमें स्टूडेंट ने अपना नाम नहीं बताने के लिए कहा है। जिन 90 मोबाइल नंबर की लिस्ट शिकायत में भेजी है, उन मोबाइल नंबर्स की भी जांच की जा रही है।