आइची-नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर लौटीं निशानेबाज माहेश्वरी चौहान का शनिवार को उदयपुर आगमन पर स्वागत किया गया। डबोक एयरपोर्ट से लेकर फतहसागर स्थित निजी परिसर में सम्मान समारोह तक खेल प्रेमियों, विभिन्न खेल संघों और परिजनों ने उनका अभिनंदन किया। माहेश्वरी ने यह पदक राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल के साथ मिलकर 331 अंकों के संयुक्त स्कोर के साथ भारत के नाम किया। पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद माहेश्वरी ने राजसमंद के केलवा स्थित शूटिंग रेंज पर अपना अभ्यास जारी रखा था, जिसके बल पर उन्होंने एशियन गेम्स में यह सफलता हासिल की। 4 जुलाई 1996 को जालौर जिले के सियाणा गांव में जन्मी और दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक माहेश्वरी के खेल सफर में परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। निशानेबाजी की शुरुआती बारीकियां उन्होंने अपने दादा गणपत सिंह से सीखीं। पिता प्रदीप सिंह चौहान ने अभ्यास के लिए सियाणा में ही निजी शूटिंग रेंज तैयार करवाई थी। विवाह के बाद पति अधिराज सिंह और ससुर व राजसमंद राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राठौड़ के सहयोग से उन्होंने केलवा शूटिंग रेंज में अभ्यास जारी रखा। समारोह में उदयपुर राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरमदेव सिंह कृष्णावत ने कहा कि परिवार के प्रोत्साहन से खिलाड़ी विपरीत परिस्थितियों के बाद भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। समारोह में मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के खेल संघों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।