हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा के बाणगंगा घाट के पास मंगलवार शाम राजस्थान के छह श्रद्धालु खड्ड के बीचो-बीच फंस गए। इससे उनकी जान खतरे में पड़ गई। वे खड्ड के बीच नहाने गए थे। इसी दौरान ऊपरी इलाकों में हुई बारिश के बाद खड्ड में पानी का लेवल अचानक बढ़ गया। पानी बढ़ता देख श्रद्धालु घबरा गए और खड्ड के बीच खाली पड़ी जगह पर पहुंच गए। वे मदद के लिए पुकारने लगे। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग के कर्मी और कांगड़ा के तहसीलदार प्रकाश चंद ठाकुर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में लग गए। करीब पौने घंटे की कोशिश के बाद शाम करीब 6 बजे फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन ने बाणगंगा घाट पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन श्रद्धालु इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर खड्ड के बीच नहाने चले जाते हैं। देखें रेस्क्यू के 2 PHOTOS… सभी श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकाले: अनिल फायर ऑफिसर अनिल कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में ऊपरी इलाकों में कभी भी बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों की खड्डों में अचानक पानी आ जाता है। उन्होंने लोगों को खड्डों और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। चेतावनी बोर्ड के बावजूद खड्ड में नहाने पहुंच जाते हैं लोग: प्रकाश तहसीलदार प्रकाश चंद ठाकुर ने कहा कि चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बाद भी लोग खड्डों में नहाने पहुंच जाते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बाणगंगा घाट पर अतिरिक्त कर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि वे समय-समय पर लोगों को सावधान करते रहें। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने हिम्मत दिखाई इस बचाव अभियान को सफल बनाने में फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने हिम्मत दिखाई। इनमें फायर ब्रिगेड कर्मी बेअंत शर्मा, हरनाम सिंह, गणेश कुमार, फायरमैन दिनेश, अनिल, एचएचजी मदन लाल और डीवीआर हुकम राम शामिल रहे। सभी श्रद्धालु जयपुर से हिमाचल के विभिन्न मंदिरों में दर्शन को पहुंचे हैं।