लोक मंथन यात्रा कार्यक्रम 2026 के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की करौली इकाई की ओर से करौली महल में हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों और परिषद कार्यकर्ताओं ने महल परिसर का दौरा कर इसकी बनावट, ऐतिहासिक अहमियत और स्थानीय संस्कृति के बारे में जानकारी ली। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को अपनी ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ना और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। इतिहास को करीब से जानने का अवसर कार्यक्रम की शुरुआत जिला संयोजक तिलक भारद्वाज ने की। उन्होंने कहा कि करौली की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के कारण भी है। उन्होंने युवाओं से अपने क्षेत्र के इतिहास को जानने और धरोहरों के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। किताबों से आगे, विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव भाग संयोजक पीयूष शर्मा ने कहा कि हेरिटेज वॉक के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े इतिहास को सीधे ऐतिहासिक स्थलों को देखकर समझने का मौका मिलता है। उन्होंने करौली की पुरानी इमारतों, महल और धार्मिक स्थलों को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। युवाओं और सोशल मीडिया की भूमिका जिला मीडिया संयोजक सूरजभान योगी ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में युवाओं और सोशल मीडिया की अहम भूमिका है। नगर मंत्री तुषार शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करौली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराना है। धरोहर संरक्षण का लिया संकल्प हेरिटेज वॉक के दौरान विद्यार्थियों और परिषद कार्यकर्ताओं ने करौली की धरोहरों को जानने-समझने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नगर सहमंत्री माखन राजपूत, अभी मावई, ऋषभ गोयल, निशांत मीणा, हिमांशु बंसीवाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।