सोशल मीडिया पर पुराने भारतीय सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर साइबर ठगी करने के मामले में किशनगढ़बास पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मोबाइल की जांच में फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के नाम से कई फर्जी प्रोफाइल और प्रचार सामग्री मिली है। डीएसटी टीम इंचार्ज गौरव ने बताया- एएसआई रविन्द्र सिंह टीम के साथ 25 सितंबर की रात गश्त और साइबर अपराधियों की निगरानी के दौरान बंबोरा घाटा पहुंचे थे। यहां सूचना मिली कि न्याणा गांव से आगे पहाड़ की तलहटी में पांच युवक सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पुराने सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पांचों को घेरकर पूछताछ की। मोबाइल में मिले सबूत पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल में वॉट्सएप के जरिए लोगों को पुराने सिक्के-नोट खरीदने के मैसेज भेजना और रजिस्ट्रेशन के नाम पर भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजना पाया गया। कई मोबाइल में भुगतान प्राप्ति के स्क्रीनशॉट भी मिले। फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर ओल्ड कॉइन कम्पनी, ओल्ड कॉइन, कॉइन शॉप सहित अलग-अलग नामों से प्रोफाइल बनाकर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के वीडियो और संपर्क नंबर प्रसारित किए जा रहे थे। पुलिस ने प्रोफाइल और चैट के स्क्रीनशॉट लेकर पेन ड्राइव में सुरक्षित किए। कई राज्यों की शिकायतों से जुड़े मोबाइल नंबर पुलिस के मुताबिक गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल नंबर और आईएमईआई से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। इनमें राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश से दर्ज साइबर शिकायतें शामिल हैं। एक मोबाइल नंबर के संबंध में राजस्थान के मांधन चारण और गुजरात के लक्ष्मणभाई भोलफा की शिकायत दर्ज मिली, जबकि दूसरे मोबाइल के आईएमईआई पर उत्तर प्रदेश के हितेश कुमार मौर्या और राजस्थान के कालूलाल भोई की शिकायत दर्ज पाई गई। पांचों की अलग-अलग भूमिका की जांच पुलिस ने मौके से हकीम (29) निवासी खातीबास, राहुल खान (26) और सोहिल (19) निवासी पहाटन का बास-पड़ासला तथा मुशर्रफ जैद (21) निवासी पहाड़पुर, थाना हथीन, पलवल हरियाणा को पकड़ा। इनमें एक 16 वर्षीय बाल अपचारी होने के कारण उसे विधि से संघर्षरत किशोर के रूप में निरुद्ध किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा तथा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त मोबाइल फोन को साक्ष्य के तौर पर मालखाने में जमा कराया गया है। पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, क्यूआर कोड और संभावित बैंक खातों के जरिए ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।