कोटा के बायोलॉजिकल पार्क में केक काटकर बाघिन महक का 23वां जन्मदिन मनाया गया। महक देश की सबसे उम्रदराज बाघिन है। महक ने शुक्रवार को अपने जीवन के 22 साल पूरे किए। इस मौके पर अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वन विभाग के कर्मचारियों ने बाघिन महक का 23वां जन्मदिन मनाया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रक्षा बंधन के दिन महक का जन्मदिन होने के कारण बड़ा आयोजन नहीं किया जा सका। वन विभाग अब अगले महीने छोटे बच्चों के साथ महक का बड़ा बर्थडे सेलिब्रेशन करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक- सामान्य जू में रहने वाली बाघिन की तुलना में महक करीब चार साल और जंगल में रहने वाली बाघिन की औसत उम्र से करीब सात साल ज्यादा जी चुकी है। सीसीएफ बोले- दांत मजबूत, सेहत अच्छी सीसीएफ टी. मोहनराज ने बताया- महक की उम्र अधिक होने के बाद भी सेहत अच्छी है। उसका डाइजेशन बेहतर है। दांत और जबड़े मजबूत हैं। बाघिन महक अपना पूरा भोजन चबाकर आसानी से पचा रही है। उसके पंजे और नाखून भी मजबूत हैं और वजन लगभग सामान्य बना हुआ है। हालांकि उम्र बढ़ने के कारण उसे उठने में थोड़ी परेशानी होती है। कमजोरी से बचाने के लिए उसकी कैल्शियम डोज बढ़ाई गई है। बाघिन महक की मेटिंग करवाई गई थी, लेकिन अब तक बच्चे नहीं हुए। पानी में करती है अठखेलियां सीसीएफ टी. मोहनराज ने बताया- बाघिन महक अब भी अपने इन्क्लोजर में काफी सक्रिय रहती है। वह पानी में अठखेलियां करती है और इन्क्लोजर की बाउंड्री के आसपास घूमती रहती है। पार्क में आने वाले पर्यटकों को अक्सर महक इन्क्लोजर से बाहर नजर आती है। सप्ताह में दो बार होता है मेडिकल चेकअप ACF पंकज कुमार ने बताया- महक की नियमित निगरानी की जाती है। हर तीन-चार दिन या सप्ताह में दो बार उसका मेडिकल चेकअप किया जाता है। उसके साथ रहने वाले मेल टाइगर ‘नाहर’ की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। फिलहाल महक अकेली रह रही है। रोज 8 किलो मांस, साथ में मल्टीविटामिन अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. त्रिलोक गुर्जर ने बताया- महक को प्रतिदिन डाइट में करीब 8 किलो चिकन और पाड़े का मांस दिया जाता है। इसके साथ मल्टीविटामिन, कैल्शियम और आयरन टॉनिक भी दिए जाते हैं। उसके नाइट शेल्टर में नियमित रूप से कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाता है। मौसम के अनुसार इलाज के लिए प्रोटोकॉल अपनाया जाता है। महक के इतनी लंबी उम्र तक जीवित रहने के पीछे उसका जेनेटिक कारण हो सकता है। सभी चिड़ियाघरों में बाघों को सामान्य तौर पर भोजन और देखभाल मिलती है, लेकिन हर बाघ-बाघिन इतनी उम्र तक नहीं पहुंच पाता। महक का स्वास्थ्य और उसकी एक्टिविटी लगातार मॉनिटर की जा रही है।