कोटा में अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। किशोर सागर तालाब स्थित बारहदरी पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। शहर के विभिन्न इलाकों से लोग भगवान गणेश की प्रतिमाएं लेकर विसर्जन के लिए पहुंचे। इस दौरान गाजे-बाजे और ढोल की धुन पर श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते नजर आए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद नम आंखों से बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की। अनंत चतुर्दशी के मौके पर कोटा में निकाले जा रहे जुलूस के दौरान अखाड़ेबाजों के दो पक्ष आमने-सामने हो गए। कैथूनीपोल थाने के आगे-पीछे अखाड़ा निकालने की बात को लेकर दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी व धक्का-मुक्की हो गई। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विवाद बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिस जवानों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति कंट्रोल की। इससे पहले दोपहर में सूरजपोल गेट से शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा से पहले भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई। साधु-संतों की मौजूदगी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शामिल होकर विधि-विधान से भगवान गणेश का पूजन किया। बिरला ने भगवान गणेश से कोटा सहित समस्त क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पुराने कोटा के अलग-अलग इलाकों से झांकियां और अखाड़े सूरजपोल गेट पहुंचे। सूरजपोल गेट से शोभायात्रा शुरू हुई। जो करीब 18 से 19 घंटे चलेगी। आयोजकों के मुताबिक- जुलूस में 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। जगह-जगह किया कला का प्रदर्शन शोभायात्रा में करीब 90 अखाड़े, 200 झांकियां, 10 भजन और 10 डांडिया मंडलियां, पंजाब का पारंपरिक युद्ध कौशल गतका इस बार खास आकर्षण हैं। करीब 150 स्वागत समितियां जुलूस का स्वागत कर रही हैं। शोभायात्रा सूरजपोल से मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, चारखंभा, रामपुरा और आर्य समाज मार्ग होते हुए बारहदरी पहुंचेगी। शोभायात्रा में व्यायामशाला के एक पट्टेबाज ने पिकअप पर खड़े होकर चक्कर घुमाया। वहीं एक पट्टेबाज ने तलवारों के फ्रेम पर खड़े होकर तलवार घुमाई। इसके अलावा एक अखाड़ेबाज ने पट्टे से तीन आलू काट दिए। नए कोटा में भी शाम 6 बजे से शोभायात्रा निकली, इसमें 51 झांकियां, 16 अखाड़े और 5 भजन मंडलियां शामिल हुई। गणेश प्रतिमाओं का 11 स्थानों पर विसर्जन होगा। अग्निशमन विभाग की 25 से ज्यादा नावें विसर्जन व्यवस्था में लगाई गई हैं। पहले देखें PHOTOS शोभायात्रा मार्ग पर 100 से ज्यादा स्वागत द्वार और 65 जलपान-अल्पहार स्टॉल लगी हैं। आयोजकों के अनुसार करीब 2 लाख लोगों के लिए पूड़ी-सब्जी और अन्य प्रसाद तैयार किया गया है।