कोटा में बीजेपी के पास मेयर के बाद डिप्टी मेयर के लिए भी राह उतनी आसान नहीं थी, जितनी बाहर से नजर आ रही थी। बाड़ाबंदी के दौरान कुछ पार्षदों की नाराजगी सामने आने के बाद पार्टी को मान-मनुहार करनी पड़ी, तब जाकर स्थिति संभली। राजवंशी के लिए डिप्टी मेयर की कुर्सी प्रतिष्ठा का सवाल बन गई थी, ऐसे में पार्टी ने नाराज पार्षदों को मनाया। दरअसल, पार्टी के स्थानीय नेतृत्व की पहली पसंद विवेक राजवंशी ही थे, लेकिन पार्टी में अन्य पार्षद भी डिप्टी मेयर को लेकर आस लगाकर बैठे थे। इसके अलावा विधानसभा के अनुसार मेयर- डिप्टी मेयर को लेकर मांग की जा रही थी। ऐसे में बीजेपी ने किसी भी तरह के बिखराव को रोकने के लिए पहले ही प्लानिंग कर ली थी। जिस तरह मेयर के लिए ऐन वक्त तक पार्टी के अंदर चर्चा चलती रही, उसी तरह डिप्टी मेयर को लेकर भी शुक्रवार देर रात तक पार्षदों को एक राय करने की कोशिश की जाती रही। हालांकि, ज्यादातर पार्षद राजवंशी के समर्थन में ही थे, लेकिन कुछ पार्षद नाराज भी थे। देर रात नाराज हो गए पार्षद, साथी पार्षदों ने मनाया मेयर चुनाव के बाद बीजेपी ने सभी पार्षदों की फिर से बाड़ेबंदी कर दी। कारण था कि किसी तरह का कोई विवाद न हो और आपस में सभी पार्षदों को एक राय कर लिया जाए। मेयर चुनाव के बाद बीजेपी इस बात को लेकर पुख्ता थी कि कांग्रेस में और टूट हो सकती है। लेकिन अपने पार्षदों को लेकर कोई मौका नहीं छोड़ना चाह रही थी। देर रात जब कांग्रेस ने डिप्टी मेयर चुनाव का बहिष्कार कर दिया, उसके बाद यह तो तय हो गया था कि जो भी नाम डिप्टी मेयर के लिए होगा वहीं निर्विरोध जीतेगा। बाडेबंदी में मौजूद पार्षदों के अनुसार, यहां बाडेबंदी के दौरान एक पार्षद नाराज हो गए। वे चाह रहे थे कि उनका नाम डिप्टी मेयर के लिए दिया जाए। इसके बाद अन्य पार्षदों ने मनाने की कोशिश की और एक राय किया। लाड़पुरा से थी डिप्टी मेयर की मांग, इसलिए बाडेबंदी की जरूरत पड़ी मेयर के नाम तय करने के दौरान ही पार्टी के अंदर डिप्टी मेयर को लेकर खींचतान की स्थिति हो गई थी। लाड़पुरा विधायक, लाड़पुरा से डिप्टी मेयर की मांग रख रही थी। लाड़पुरा के पार्षदों का कहना था कि जब मेयर दक्षिण से हैं तो डिप्टी मेयर लाड़पुरा से हो। इसके बाद स्थिति को देखते हुए बीजेपी ने बाड़ेबंदी की योजना बनाई। इस दौरान बीजेपी ने लाड़पुरा के पार्षदों को मैनेज कर लिया और नाराजगी दूर कर दी गई। लेकिन पेंच फंसा कोटा उत्तर एरिया से जीते लव शर्मा और विवेक राजवंशी के बीच में। विवेक राजवंशी पहली पसंद थे लेकिन लव शर्मा की मौजूदगी भी पार्टी नकार नहीं सकती। डिप्टी मेयर के लिए सबसे आगे थे तीन नाम डिप्टी मेयर के लिए तीन नाम सबसे आगे थे, जिनमें पहले नंबर पर 4 बार के पार्षद विवेक राजवंशी, दूसरे पर 5 बार के पार्षद गोपाल मंडा और दूसरी बार के पार्षद लव शर्मा। गोपाल और विवेक की जोड़ी को कोटा की राजनीति में जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता है। ऐसे में गोपाल मंडा, विवेक को लेकर सहमत थे। लेकिन लव शर्मा भी बिरला खेमे के खास है और कोटा उत्तर पर पार्टी का चेहरा है। पिछले बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष थे। ऐसे में वह भी डिप्टी मेयर बनना चाह रहे थे। बाड़ेबंदी में पार्टी ने लव शर्मा को सहमत किया। शुक्रवार रात तक पार्टी के स्थानीय नेता, पार्षद इसी कोशिश में लगे रहे। देर रात पूरी तरह सहमति बनने के बाद शनिवार सुबह विवेक राजवंशी का नामांकन भरवा दिया गया। राजवंशी के लिए नाक का सवाल थी कुर्सी विवेक राजवंशी बीजेपी के स्थानीय कद्दावर नेता हैं। वे चार बार पार्षद रह चुके हैं और स्पीकर बिरला खेमे के खास है। पिछली बार नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। पिछली बार मेयर के लिए चुनाव में खड़े हुए थे, लेकिन पार्टी में एक क्रॉस वोटिंग के चलते चुनाव हार गए। इस बार उम्मीद थी कि मेयर पद मिल जाएगा, लेकिन सीट ओबीसी महिला की आई। पिछले से पिछले बोर्ड के दौरान भी मेयर पद लगभग तय था, लेकिन ऐन वक्त पर महेश विजय का नाम चला और उन्हें मेयर बनाया गया। इस समय भी वे खासे नाराज हुए थे। हालांकि, उस समय उन्हें मना लिया गया था। ऐसे में अब डिप्टी मेयर की कुर्सी उनकी नाक का सवाल थी। ----------- ये खबरें भी पढ़िए… भाजपा के विवेक राजवंशी निर्विरोध डिप्टी मेयर बने:जीत की खुशी में समर्थकों ने नोट उड़ाए, कांग्रेस ने नहीं उतारा अपना प्रत्याशी भाजपा ने विवेक राजवंशी कोटा नगर निगम के नए डिप्टी मेयर बन गए हैं। विवेक निर्विरोध निर्वाचित हुए। वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी। जीत की घोषणा के बाद मेयर अनुसुईया गोस्वामी भी निगम पहुंची और डिप्टी मेयर को बधाई दी। (पूरी खबर पढ़ें…) डिप्टी मेयर बोले- कांग्रेस डरकर मैदान में नहीं उतरी:बदनामी से बचने के लिए बहाने ढूढ़ रहे; विवेक राजवंशी ने अपनी 3 मुख्य प्राथमिकताएं बताईं कोटा बीजेपी में अब डिप्टी मेयर प्रत्याशी को लेकर कवायद:लाडपुरा या उत्तर से कैंडिडेट बनाने की चर्चा, जानिए कौन-कौन दावेदार? कोटा बीजेपी में मेयर को लेकर काफी मशक्कत के बाद अनुसुईया गोस्वामी का नाम तय किया गया है, अब डिप्टी मेयर को लेकर भी पार्टी में जद्दोजहद शुरू हो गई है। बीजेपी से जुडे लोगों ने बताया कि नेताओं का मानना है-जब मेयर दक्षिण विधानसभा से क्षेत्र से चुना गया तो, डिप्टी मेयर उत्तर या लाड़पुरा से होना चाहिए। (पूरी खबर पढ़े…)