कोटा में DSP की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह अकेले ही सरकारी क्वार्टर में रहते थे। डीएसपी गिरिराज गर्ग की बुधवार शाम करीब 7 बजे अपने क्वार्टर पर बैठे थे। अचानक घबराहट होने पर उन्होंने के अपने साथियों को जानकारी दी। इस पर साथी पुलिसकर्मी उन्हें कोटा के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह 4 बजे उनकी मौत हो गई। डीएसपी गिरिराज गर्ग भीलवाड़ा के मांडलगढ़ के रहने वाले थे। मार्च में जयपुर के निजी अस्पताल में हार्ट ब्लॉकेज के बाद स्टेंट डलवाया था। अगस्त में 14वीं RAC में जॉइन किया था। अभी खनन विभाग में तैनात थे। उनकी करीब 4 साल की सर्विस अभी बाकी थी। गिरिराज गर्ग की मौत की सूचना के बाद आरएसी के अधिकारी, जवान और दादाबाड़ी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। रात को फोन आने के बाद परिजन पहुंचे थे कोटा डीएसपी गिरिराज गर्ग के बेटे प्रज्वल गर्ग ने बताया- पुलिस स्टाफ ने बुधवार रात को फोन करके बताया कि पापा की तबीयत खराब है। जिसके बाद मैं और दादाजी कोटा पहुंचे, सुबह 4 बजे तब तक उनकी मौत हो गई थी। परिवार में मेरे दादाजी, मां और एक छोटा भाई है। अचानक तबीयत बिगड़ने पर कराया था अस्पताल में भर्ती हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह ने बताया कि डीएसपी गिरिराज गर्ग को बुधवार रात तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों और साथी जवानों ने डीएसपी गर्ग के निधन पर शोक जताया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन शव लेकर मांडलगढ़ के लिए रवाना हो गए।