नगर निगम कोटा के नए बोर्ड की पहली बैठक गुरुवार को सुबह 11 बजे होगी। नगर निगम कोटा की महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने बताया कि बोर्ड बैठक के आयोजन से पूर्व अधिकारियों, नगर निगम आयुक्त तथा कोटा दक्षिण और लाडपुरा क्षेत्र की विधायक कल्पना देवी के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई है। महापौर ने कहा- आगामी बोर्ड बैठक में शहर के सभी 100 वार्डों के पार्षदों का नगर निगम की ओर से भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। इसके साथ ही, पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्र और वार्डों की समस्याओं एवं जनमुद्दों को महापौर व आयुक्त के समक्ष रखने के लिए 7 से 10 मिनट का विशेष समय दिया जाएगा। इसके साथ ही पहली बैठक में मेले को लेकर चर्चा होगी। कोटा मेला दशहरा बड़ा आयोजन होता है। महापौर ने कहा- इस बार मेले को भव्य और व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। मेले में साफ-सफाई, स्वच्छता और आम जनता के लिए पार्किंग की बेहतर व्यवस्था प्राथमिकता रहेगी। मेले में आने वाले लोगों के मार्गदर्शन के लिए दिशा-सूचक बोर्ड (साइनबोर्ड) लगाए जाएंगे, जिससे दिशाओं और बाजारों की जानकारी आसानी से मिल सके। शहरवासियों के आकर्षण के लिए उच्च गुणवत्ता और भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा। बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए विशेष एवं सम्मानजनक व्यवस्थाएं की जाएंगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि मेले में दुकानों के आवंटन या अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की धांधली, कालाबाज़ारी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम कार्यालयों में स्वच्छता का संदेश महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने नगर निगम परिसर और कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि व अधिकारी शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी संभालते हैं, उन्हें खुद भी अनुशासन और संस्कार का परिचय देना चाहिए। चेंबर या कार्यालय में गुटखा थूकने जैसी हरकतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने खुद के कार्यालय और चेंबर को साफ नहीं रखेंगे, तब तक पूरे शहर को स्वच्छता का संदेश कैसे दे पाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वच्छता की यह पहल निगम से शुरू होकर पूरे राजस्थान के लिए एक उदाहरण बनेगी।