कोटा नगर निगम चुनाव में वार्ड 98 से पार्षद का चुनाव जीती अनुसुईया गोस्वामी (51) मेयर बन चुकी हैं। चुनाव जीतने के बाद अनुसुईया ने कहा- मेरे ऑफिस में आने के लिए किसी भी कार्यकर्ता या आम जनता को किसी पर्ची की जरूरत नहीं पडे़गी। लोग अपनी समस्याएं लेकर सीधे ऑफिस आ सकेंगे। मेयर के लिए निगम में शुक्रवार को हुई वोटिंग में बीजेपी ने 65 वोट हासिल कर जीत हासिल की। अनुसुईया गोस्वामी के लंबे राजनीतिक अनुभव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खेमे से नजदीकी के चलते उन्हें पार्टी ने मौका दिया। अनुसुईया गोस्वामी मूल रूप से केशोरायपाटन की रहने वाली है। उनकी पढ़ाई वहीं गांव में हुई है। चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर की बेटी अनुसुईया के ससुर सरकारी टीचर रहे हैं। अनुसुईया साल 2003 से राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं अनुसुईया की सास कैथून नगर पालिका में पार्षद रही हैं। इसके अलावा पिछले बोर्ड में उनकी भाभी रेखा गोस्वामी पार्षद रह चुकी हैं। बता दें कि अनुसुईया गोस्वामी कई साल पहले केशवपुरा में एक अधिकारी को थप्पड़ मारकर चर्चा में आई थीं। बीजेपी में उन्हें कार्यकर्ता जीजी बाई के नाम से पुकारते हैं। संगठन में लंबा अनुभव, महिलाओं के बीच मजबूत पकड़ अनुसुईया गोस्वामी का भाजपा संगठन में लंबा इतिहास रहा है। वे राजस्थान भाजपा में पूर्व प्रदेश मंत्री के रूप में राज्यस्तरीय जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। इसके अलावा कोटा में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने लंबे समय तक जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी के अभियानों का नेतृत्व करने का काम किया है। अनुसुईया गोस्वामी का परिवार दशकों से भाजपा की विचारधारा के साथ जुड़ा हुआ है। पहले भाभी भी रही हैं पार्षद अनुसुईया गोस्वामी की भाभी रेखा गोस्वामी पिछले बोर्ड में पार्षद रह चुकी हैं। इससे उनके परिवार की निकाय चुनाव और शहरी राजनीति पर पहले से ही अच्छी समझ है। राजनीतिक रिश्तों की बात करें तो बूंदी के पूर्व विधायक अशोक डोगरा उनके समधी हैं। इस नाते हाड़ौती अंचल के राजनीतिक गलियारों में उनके परिवार की अच्छी-खासी साख और रसूख माना जाता है। ओम बिरला खेमे की मजबूती और महिला कार्ड कोटा की राजनीति में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के गुट का खास असर है। अनुसुईया गोस्वामी शुरू से ही बिरला खेमे की बेहद निष्ठावान नेता मानी जाती रही हैं। महिला चेहरा होने के साथ-साथ प्रदेश स्तर का सांगठनिक अनुभव और मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि उनके पक्ष में सबसे बड़ा समीकरण बनकर उभरा है। इसके चलते मेयर पद की रेस में उनका पलड़ा सबसे भारी नजर आया। सेकेंडरी तक पढ़ी, एक करोड़ संपत्ति अनुसुईया गोस्वामी सेकेंडरी तक पढ़ी हुई हैं। उनकी कुल संपत्ति एक करोड़ है। अनुसुईया के सामने वार्ड चुनाव में कांग्रेस ने युवा चेहरा आयुष पारेता को उतारा था। अनुसुईया को 1551 वोट मिले थे, जबकि आयुष को 1158 वोट मिले थे। चुनाव जीतने के बाद ही अनुसुईया गोस्वामी का नाम मेयर के लिए चर्चाओं में था। परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमें 3 बेटियां और एक बेटा है। सफाई और मूलभूत विकास पर देंगे ध्यान अनुसुईया गोस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा- अब शहर के मूलभूत विकास और सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जोर दिया जाएगा। इसके अलावा पार्षद जो भी समस्याएं बताएंगे, उनका समाधान करवाया जाएगा।