कोटा की नई मेयर अनुसुईया गोस्वामी ने सोमवार को नगर निगम का दौरा किया। सोमवार को दफ्तर में अपने पहले ही दिन मेयर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आईं। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने निगम परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्थाएं देखकर वे भड़क उठीं। अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त हिदायत दे डाली। निरीक्षण के दौरान डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी समेत अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। टॉयलेट में बदबू और सीलन देख जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान मेयर निगम के अलग-अलग कमरों और टॉयलेट्स में पहुंचीं। वहां जगह-जगह फैली गंदगी, दीवारों पर सीलन, कमरों में बिखरा कचरा और बारदाना देखकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों की क्लास लगा दी। गुटखा खाते हो तो निगल लो, दफ्तर में थूका तो खैर नहीं निगम परिसर की दीवारों और कोनों पर गुटखे-पान के पीक देखकर मेयर अनुसुईया गोस्वामी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "दफ्तर में कोई भी गुटखा नहीं खाएगा। अगर कोई खाता भी है तो उसे निगल जाए, लेकिन थूकेगा बिल्कुल नहीं। यहां तक कि किसी डस्टबिन में भी गुटखे की पीक नजर नहीं आनी चाहिए। लेट लतीफी पर लगेगी एब्सेंट, टाइम पर बंदिश इस दौरान ऑफिस के स्टाफ समय पर नहीं मिले। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। मेयर ने स्पष्ट कर दिया कि अब दफ्तर में मनमर्जी नहीं चलेगी। ऑफिस का समय जो है, उसी पर कर्मचारियों को आना है। सुबह 9.30 बजे कर्मचारी ऑफिस पहुंचना शुरू हो जाए। जो भी कर्मचारी समय से लेट आएगा, उसकी सीधी एब्सेंट दर्ज की जाएगी। मेयर ऑफिस में मोबाइल एंट्री पर भी बैन इसके साथ ही मेयर के ऑफिस के अंदर मोबाइल को लेकर भी मेयर ने निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि उनके ऑफिस के अंदर कर्मचारी मोबाइल लेकर नहीं आएगा। मीटिंग के दौरान कोई फोन न बजे इसलिए ये निर्देश दे रहे हैं। हालांकि इसे लेकर भी निगम में कई चर्चा शुरू हो चुकी है।