कोटा में मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से ठीक पहले बीजेपी को एक बार फिर बाड़ेबंदी करनी पड़ी है। पार्टी ने आज सुबह सभी पार्षदों को इकट्ठा कर गाड़ियों से रवाना किया। बीजेपी ने झालावाड रोड और बूंदी, इन दो जगहों में से किसी एक जगह पर रिसोर्ट में पार्शदों की बाडे़बंदी की है। मेयर नामांकन से पहले भी बीजेपी ने बाडेबंदी की थी। नामांकन के बाद रात को ही सभी पार्षदों को चित्तोड से वापस कोटा ले आया गया था। लेकिन अब डिप्टी मेयर के नाम और मेयर चुनाव में किसी तरह की कोई आशंका न रहे, इसे देखते हुए पार्टी ने फिर से बाडेबंदी की है। सुबह विधायकों के आवास पर पार्षदों को बुलाया सुबह करीब 11 बजे दक्षिण-रामगंजमंडी क्षेत्र से आने वाले पार्षदों को विधायक संदीप शर्मा के आवास पर बुलाया गया। इसके अलावा उत्तर के पार्षदों को जिलाध्यक्ष राकेश जैन, लाडपुरा के पार्षदों को विधायक कल्पना देवी के आवास पर बुलाया गया। विधायक संदीप शर्मा के यहां पार्षद अपने बैग लेकर पहुंचे। और यहां विधायक शर्मा के आवास के नीचे बने कार्यालय में सभी पार्षद इकटठा हुए। इनमें भाजपा की मेयर कैंडिंडेट अनुसुईया गोस्वामी, डिप्टी मेयर के लिए नामों में सबसे आगे चल रहे विवेक राजवंशी, सोमा आहलूवालिया, रवि शर्मा, निर्दलीय से बीजेपी को समर्थल देने वाले कौशल शर्मा, पुष्पा चौधरी समेत कई पार्षद मौजूद रहे। यहां चर्चा के बाद सभी पार्षदों को अलग-अलग गाडियों से रवाना किया गया। पहले चर्चा थी कि इन्हें झालावाड रोड स्थित एक रिसोर्ट में ले जाया जा रहा है, हालांकि अब ये बात भी सामने आई है कि बूंदी के एक रिसोर्ट में भी इन्हें ले जाया जा सकता है। मेयर का दावा- कांग्रेस के वोट भी हमें मिलेंगे मेयर प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी ने कहा कि चुनाव में हमे जीते हुए पार्षदों से ज्यादा वोट मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि 70 वोट बीजेपी को मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पार्षद भी बीजेपी को वोट करेंगे। बाडेबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई बाडेबंदी नहीं हो रही है, हम सभी पार्षद पिकनिक मनाने के लिए जा रहे हैं। इसके बाद विक्ट्री साइन बनाते हुए वे रवाना हो गईं। डिप्टी मेयर को लेकर नामों पर चर्चा मेयर के नाम के बाद बीजेपी में डिप्टी मेयर को लेकर चर्चा चल रही है। पहले कई नाम चर्चा में थे, लेकिन अब दो नाम रेस में हैं। इनमें कोटा उत्तर से पार्षद लव शर्मा और कोटा दक्षिण से विवेक राजवंशी का नाम सामने आ रहा है, हालांकि इनमें सबसे ज्यादा चर्चा विवेक राजवंशी की है। बीजेपी सुत्रों के अनुसार नाम तय भी किया जा चुका है। विवेक राजवंशी नेता प्रतिपक्ष रहे हैं और बीजेपी के काफी पुराने कद्दावर नेता हैं। ओम बिरला खेमे से हैं।