कुरुक्षेत्र के पिंडारसी गांव में साढ़े 8 साल पुराने भेड़-बकरियां लूट और ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने राजस्थान के 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने इन दोषियों पर 6/6 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है, जबकि दो महिला आरोपियों को बरी कर दिया। घटना 21 मई 2018 की है। गिरोह ने रेलवे लाइन के पास बने डेरे पर हमला कर तीन भेड़ पालकों को बंधक बनाकर पीटा और टेप से हाथ-पांव व मुंह बांधकर गड्ढे में फेंक दिया था। तीनों भेड़ पालकों की मौत हो गई थी। लूटी गई करीब 400 भेड़ों को रेलवे लाइन पार कराते समय 50 से 60 भेड़ें ट्रेन की चपेट में आकर मर गई थीं। राजस्थान के रहने वाले सभी दोषी दोषियों में दौसा के रामलाल, उसके दो सगे भाई बत्री और फौरकिया, भरतपुर के कमलेश, जयपुर के यादराम उर्फ बेरा, उसका भाई मुकेश, रमेश, हरकेश उर्फ राकेश और दौसा की मोडा पट्टी निवासी मीरा देवी शामिल हैं। कोर्ट ने इन्हें लूट यानी डकैती के दौरान हत्या के मामले में सजा सुनाई। 21 मई 2018 की रात डेरे पर बोला था हमला जिला न्यायवादी जयमल ने बताया कि जीआरपी पुलिस को ईशम सिह निवासी पिंडारसी ने बताया था कि पिंडारसी गांव से बाहर रेलवे लाइन के पास भेड़ पालकों ने अपना डेरा बनाया हुआ था। यहां उनका परिवार करीब 500 भेड़-बकरियां और दूसरे मवेशी पालकर परिवार का गुजारा करते थे। गिरोह ने मवेशी लूटने के लिए इस डेरे को निशाना बनाया। 21 मई 2018 की रात गिरोह के लोग डेरे पर पहुंचे। वहां झुग्गी में रह रहे 80 वर्षीय अर्जुन सिंह, 55 वर्षीय राजाराम और 30 वर्षीय संदीप को बंधक बना लिया। हमलावरों ने तीनों के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दी। इसके बाद लाठियों और डंडों से बुरी तरह पीटा और उन्हें खेतों के पास गड्ढे में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी भेड़ों को हांककर ले जाने लगे। उस समय करीब 400 भेड़ें लूटकर ले जाने की बात सामने आई थी। ट्रेन की चपेट में आईं 50 से 60 भेड़ें गिरोह जब भेड़ों को रेलवे लाइन पार करा रहा था, उसी दौरान जयपुर-कुरुक्षेत्र इंटरसिटी ट्रेन आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से 50 से 60 भेड़ें मर गईं, जबकि कुछ घायल हो गईं। इसके बाद आरोपी बाकी भेड़ों को कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर खड़े ट्रक में भरकर ले गए। अगली सुबह रेलवे ट्रैक पर मृत और घायल भेड़ें देखकर ट्रेन ड्राइवर ने रेल रोक दी। इसके बाद गांव के लोगों और भेड़ पालकों को घटना का पता चला। डेरे पर तीनों व्यक्ति नहीं मिले, तो पुलिस को सूचना दी गई। गड्ढे में मिले थे तीनों भेड़ पालक पुलिस और ग्रामीणों ने तलाश की तो तीनों भेड़ पालक गड्ढे में मिले। अर्जुन सिंह और राजाराम की मौत हो चुकी थी, जबकि संदीप गंभीर हालत में था। उसे LNJP अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से PGI रेफर कर दिया गया। बाद में उसकी मौत हो गई। कल इस मामले में कोर्ट ने 9 आरोपियों को दोषी करार दिया और दो महिलाओं को बरी किया।