जोधपुर में पकड़े गए लॉरेंस गैंग के दो इनामी शूटरों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंग ने कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की साजिश रची थी। शूटर्स से सिरोही में लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी करवाई थी। फार्म हाउस पर पार्षदों की भीड़ होने के कारण वहां वारदात का प्लान बदल दिया और दोनों को जोधपुर भेज दिया गया। इस साजिश को विदेश से ऑपरेट करने और हरियाणा के गुर्गों के जरिए शूटरों को लोकल सपोर्ट देने की बात सामने आई है। मामले में दोनों शूटर नेपाल से यहां पहुंचे थे। जिसके चलते कई दिनों तक संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी की गई। लेकिन निकाय चुनाव की भीड़ के चलते वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद दोनों जोधपुर पहुंचे। दरअसल, एजीटीएफ इंस्पेक्टर राम सिंह को मिली सूचना के बाद जोधपुर पुलिस को इनपुट दिया गया। एजीटीएफ ने जोधपुर पुलिस के सहयोग से 20 सितंबर को पंजाब निवासी जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया था। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पूछताछ में सामने आए इनपुट के आधार पर पुलिस ने पाली-सिरोही हाईवे पर ढोला गांव के पास झाड़ियों में छिपाए गए हथियार भी बरामद किए। पाली हाईवे की झाड़ियों में छिपाए थे हथियार शूटर्स की निशानदेही पर पाली से सिरोही की ओर ढोला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे के दाहिनी तरफ करीब 200 मीटर दूर सुनसान स्थान पर बबूल की घनी झाड़ियों के बीच कपड़े की थैली बरामद की गई। इसमें हथियार छिपाकर रखे गए थे। पुलिस के मुताबिक यहां से तुर्की मेड 9 एमएम जिगाना/एफएक्स-9 पिस्टल, ऑस्ट्रिया मेड 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, दोनों की मैगजीन सहित कुल 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हथियारों को शूटर्स के पकड़े जाने के बाद उनकी सूचना पर बरामद किया गया। फार्म हाउस की पहाड़ी से रखी जा रही थी नजर जांच में सामने आया कि सिरोही में संयम लोढ़ा के फार्म हाउस के आसपास गैंग से जुड़े लोगों ने पहले रेकी की थी। फार्म हाउस के पास पहाड़ी से लोढ़ा के आने-जाने और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रैकी के दौरान शुटरों ने ये भी पता लगाने की कोशिश की संयम लोढ़ा कब फार्म हाउस पर रहते हैं। इस दौरान उनसे मिलने कौन-कौन आता है। सुनसान और पहाड़ी का इलाका किस तरफ है। साथ ही वारदात के बाद किस तरफ से फरार हुआ जा सकता है। पुलिस को दोनों आरोपियों के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में आने-जाने के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि वारदात के लिए मौका तलाशा जा रहा था, लेकिन फार्म हाउस पर पार्षदों की मौजूदगी के चलते गैंग ने योजना बदल दी। निकाय चुनाव की वजह से इलाके में पार्षदों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की आवाजाही और भीड़ बढ़ गई। जिससे शूटर वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि विधायक और उनके भाई के बीच विचार नहीं मिलते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि इस दावे और टारगेट की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। 14 घंटे होटल में रुके थे शूटर सिरोही कनेक्शन की जांच में पुलिस को शूटरों की गतिविधियों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। दोनों 17 सितंबर की शाम करीब 6:15 बजे बाइक से ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे पर अरठवाड़ा गांव के पास एक होटल पहुंचे थे। करीब तीन मिनट बाद फर्जी आधार कार्ड देकर कमरा लिया। दोनों रातभर होटल में रुके और अगले दिन सुबह करीब 8:23 बजे वहां से रवाना हुए। पुलिस के अनुसार दोनों ने होटल में खाना नहीं खाया और नशा करते रहे। होटल के सीसीटीवी में उनके आने-जाने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। 23 सितंबर को जोधपुर पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर होटल पहुंची और होटल संचालक से पूछताछ कर मौका तस्दीक की। इसके बाद टीम शिवगंज थाने भी गई। पूर्व विधायक की फोटो मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा पुलिस को गिरफ्तार शूटरों के मोबाइल फोन से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की फोटो मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई। हालांकि सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने इसे रुटीन सुरक्षा व्यवस्था बताया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फोटो किस उद्देश्य से रखी गई थी और रेकी में स्थानीय स्तर पर किसने मदद की। व्यापारी भी था गैंग के निशाने पर जांच में यह भी सामने आया है कि शूटरों के निशाने पर मारवाड़ का एक बड़ा व्यापारी भी था। पुलिस को आशंका है कि गैंग ने व्यापारी की भी रेकी करवाई थी और वारदात के बाद उससे करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगने की योजना हो सकती थी। सुमेरपुर और शिवगंज के कुछ बड़े कारोबारियों की गतिविधियों को लेकर भी जांच की जा रही है। हरियाणा से मिल रहा था सपोर्ट, तीन संदिग्ध हिरासत में शूटर्स से पूछताछ के बाद एजीटीएफ ने हरियाणा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन पर गैंग के लिए रेकी और लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराने का संदेह है। इसके अलावा करीब 7-8 अन्य संदिग्ध भी पुलिस के रडार पर बताए जा रहे हैं। एजीटीएफ की एक टीम हरियाणा में डेरा डाले हुए है और अन्य आरोपियों की तलाश में कार्रवाई जारी है। एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है और अलग-अलग राज्यों की पुलिस एवं एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है। नेपाल से बुलाए गए थे शूटर ADG AGTF दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी 2025 में पंजाब में दो हत्याओं के बाद नेपाल चले गए थे। पुलिस के अनुसार गैंग में सक्रिय कई शूटर अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जिसके चलते दोनों को नेपाल से वापस बुलाकर जोधपुर में वारदात के लिए भेजा गया था। जोधपुर में वारदात के बाद उन्हें दोबारा नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भेजने का आश्वासन दिए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। दोनों आरोपियों ने जोधपुर में किसी को नहीं जानने की बात कही है, लेकिन उनके फोन पर संपर्क में आए लोगों की पहचान कर पुलिस पूछताछ कर रही है। पंजाब में हत्या के मामलों में वांटेड एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि जसकरण सिंह और राजिंदर उर्फ बिल्ला पंजाब में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांटेड हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ कुल करीब 12 मामले सामने आए हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एजीटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शूटरों को हथियार किसने उपलब्ध कराए, सिरोही में रेकी किसने कराई, स्थानीय स्तर पर बाइक और ठहरने की व्यवस्था किसने की और गैंग के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं।