लोक संस्कृति, लोक परंपराओं, लोक कलाओं, सामाजिक चेतना को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निकाली जा रही लोकमंथन यात्रा के तीसरे चरण में शनिवार राजसमंद जिले में कई कार्यक्रम होंगे। यात्रा के जिले में पहुंचने पर ग्रामीण इलाकों से लेकर जिला मुख्यालय तक सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों की ओर से स्वागत होगा। दिनभर के कार्यक्रमों में सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा, बच्चों को मंच, संवैधानिक मूल्यों पर जागरूकता पर जोर रहेगा। यात्रा के राजसमंद में प्रवेश पर सुबह 10 बजे ग्राम काछबली में स्वागत होगा। यहां स्थानीय लोक संस्कृति, गांव के जीवन की परंपराओं का प्रदर्शन होगा। कार्यक्रम में गौ पूजन व बावड़ी पूजन होगा। कलश यात्रा निकलेगी। ग्राम दर्शन होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। लोकमंथन यात्रा दोपहर 4 बजे राजसमंद जिला मुख्यालय पहुंचेगी। फव्वारा चौक, राजनगर, राठासेन माता मंदिर के सामने, कांकरोली व विद्या निकेतन स्कूल, गुड़ली, कांकरोली में स्वागत होगा। इसके बाद विद्या निकेतन स्कूल के खेल मैदान में कबड्डी और रस्साकशी प्रतियोगिताएं होंगी। स्कूल में शाम 6 बजे बाल केंद्रित कार्यक्रम होगा। बच्चों की भागीदारी से भारतीय सांस्कृतिक विरासत, देशभक्ति, लोक परंपराओं से जुड़ाव को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में सामूहिक वंदे मातरम् गायन होगा। लोककथा होगी। लोकनृत्य होगा। पारंपरिक वाद्य यंत्र होंगे। लोक वेशभूषा होगी। इतिहास प्रदर्शनी लगेगी। रात 8 बजे हम भारत के लोग विषय पर संगोष्ठी होगी। संविधान की प्रस्तावना के इन शब्दों के जरिए भारतीय लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, सामूहिक राष्ट्रीय चेतना पर चर्चा होगी। संगोष्ठी में सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। संविधान के मूल भाव पर विचार साझा होंगे। नागरिकों की सामूहिक भूमिका पर चर्चा होगी। राष्ट्र निर्माण में समाज की भागीदारी पर बात होगी। लोकमंथन यात्रा इससे पहले जोधपुर, जयपुर प्रांत में दो चरण पूरे कर चुकी है। तीसरे चरण में यात्रा चित्तौड़ प्रांत के अलग-अलग जिलों से होकर झालावाड़ पहुंचेगी।