बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोनिया गांधी के भारत की नागरिकता और मतदाता बनने को लेकर सवाल उठाया। राठौड़ ने दावा किया कि सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने से पहले ही मतदाता बन गई थीं और कहा कि उस समय SIR होता तो वह मतदाता नहीं होतीं। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में मदन राठौड़ ने देश में चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर पलटवार करते हुए ये बयान दिया है। राजीव गांधी से शादी के बाद देश की नागरिक बनीं सोनिया बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि यानि सोनिया गांधी मतदाता पहले बन गई और देश की नागरिक बाद में बनीं, इसे ही वोट चोरी कहते हैं। SIR में इसी का शुद्धिकरण हो रहा है। मदन राठौड़ ने कहा कि उस समय SIR होता तो वह वोटर नहीं होती। क्योंकि वो पहले कैसे मतदाता बन सकती हैं, जबकि वो देश की नागरिक ही नहीं थीं। इस देश का वंशज देश का नागरिक होगा मदन राठौड़ ने कहा कि मैं सोचता हूं कि विपक्ष गलत रास्ता चुन रहा है, देश में गलत धारणा पैदा करना चाहता है। हम सबको एक बात सोचनी चाहिए कि देश में कौन मतदाता रहे, जिसकी जड़े इस देश से हो। जिसके दादा,परदादा पिता इस देश के नागरिक हो, उसको मताधिकार का अधिकार मिलना चाहिए या फिर जो व्यक्ति बाहर से इस देश में फायदा लेने आया है। व्यापार और कामकाज करने आया है। उसको मताधिकार का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले यह तो तय करें कि मतदाता कौन होगा। जिसकी जड़े देश में हैं, जो देश को अपनी मातृभूमि, पितृभूमि और पुण्य भूमि समझता है। जो देश का वंशज है, मैं वंशज शब्द प्रयोग कर रहा हूं, क्योकि जो देश का वंशज है, उसी को वोट देने का अधिकार होना चाहिए। अगर SIR में तय हुआ है तो क्या एतराज है। जनादेश का सम्मान करना चाहिए। लेकिन ऐसा व्यक्ति नहीं हो, जो बाहर से आकर फायदा लेकर चला जाएगा। उसको वोट का पावर देकर सत्ता प्राप्त की जाए, यह ठीक बात नहीं है।