मध्यप्रदेश में लगातार बारिश से सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में 18 घंटे से मूसलाधार बारिश हो रही है। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंची बह रही है। तेज बहाव में रामघाट का 300 मीटर लंबा पुल बह गया। टोन्स हाइडल प्रोजेक्ट से पानी छोड़े जाने से पहले 36 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। सतना के रामपुर बघेलान और कोटर तहसील के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश और पानी की आवक बढ़ने के कारण हाइडल प्रोजेक्ट से पानी छोड़ा जाएगा। इससे निचले इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। लोग घरों-होटलों में फंसे, रेस्क्यू में जुटी SDERF रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हैं। घाट किनारे करीब 400 दुकानें डूब चुकी हैं। बाढ़ का पानी नयागांव राजमहल के अंदर तक पहुंच गया है। लोग घरों और होटलों में फंसे हैं। SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। रेस्क्यू के लिए 2 हेलिकॉप्टर भी पहुंच चुके हैं। हेलिकॉप्टर से घरों की छत पर बैठे लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। पिंडरा पेट्रोल पंप के सामने सड़क का हिस्सा तेज बहाव में बह गया। सड़क धंसने से एक ट्रक पलट गया। इसके साथ ही, सड़क, थाना और पेट्रोल पंप तक पानी पहुंच गया है। कई मार्ग बंद हैं। बिजली के पोल-ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं। सती अनसुइया में पानी रेलिंग तक पहुंच गया है। रेलवे ट्रैक पर पानी, 44 ट्रेनें प्रभावित सतना में गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है। सतना-चित्रकूट मार्ग 3 जगह से बंद है। मझगवां में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है। सतना-मानिकपुर रेलखंड में चितहरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक डूब गया है। 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। पन्ना में बाढ़ से कई गांव टापू बन गए नागौद में थाने और पेट्रोल पंप में पानी घुस गया। कोठी में मकान गिरने से 4 भैंस दब गईं, जिनमें 2 की मौत हो गई। पन्ना में गांव टापू बन गए हैं। बानसुजारा बांध के 8 गेट खोलकर धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। 10 तस्वीरों में देखिए सतना-चित्रकूट के हालात… खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…