बंगाल का एंटी गुंडा बिल वर्तमान में केंद्र सरकार के विचाराधीन है, अभी तक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक नहीं पहुंचा है। इसके राष्ट्रपति की तरफ से लौटाए जाने की बातें बेबुनियाद हैं। यह जानकारी सीएम सुवेंदु अधिकारी ने दी। आज की अन्य खबरें… सरकार ने मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में AFSPA की समयसीमा बढ़ाई केंद्र सरकार ने नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के कुछ खास इलाकों में आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 (AFSPA) को 1 अक्टूबर से अगले छह महीनों के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया। मणिपुर में गृह मंत्रालय ने 5 जिलों के 13 पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में अशांत क्षेत्र की घोषणा को बढ़ा दिया है। नगालैंड में, AFSPA को 9 जिलों दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफायर, नोकलाक, फेक, पेरेन और मेलुरी में बढ़ाया गया है। अरुणाचल प्रदेश में AFSPA को तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों में बढ़ाया गया है।इस आदेश में असम से सटे नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौकहम पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाके भी शामिल हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में झील से दो नाबालिग बच्चियों के शव मिले महाराष्ट्र के ठाणे में शुक्रवार सुबह जोगिला झील से दो नाबालिग बच्चियों के शव मिले। आपदा प्रबंधन दल और दमकल कर्मियों ने सुबह करीब 11 बजे झील से दोनों शवों को बाहर निकाला। मृत बच्चियों की पहचान गंगी उदय कामी और आशा गणेश कामी के रूप में हुई है। दोनों अंबेडकर रोड स्थित लॉरिस्टैंड चॉल की रहने वाली थीं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चियां झील में कब और कैसे पहुंचीं और उनकी डूबने से मौत कैसे हुई। JK विधानसभा में उमर अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का प्रस्ताव पेश किया जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में 2000 में तत्कालीन विधानसभा से पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का भी जिक्र किया गया, जिस पर BJP विधायकों ने आपत्ति जताई और सवाल उठाया कि स्वायत्तता का मुद्दा सदन में क्यों लाया गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों ने कहा कि पार्टी जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की मांग जारी रखेगी। इस मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। 2000 के प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के लिए अधिक स्वायत्तता की मांग की गई थी। मद्रास हाईकोर्ट बोला- महिलाएं अब तेजी से करिअर पर फोकस कर रहीं, पति भी घर संभाल सकते हैं मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि महिलाएं अब तेजी से करिअर पर फोकस कर रही हैं। इसका असर उनकी शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ रहा है। कई महिलाएं करिअर में रुकावट के डर से शादी टाल देती हैं। इसी वजह से अविवाहित महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि इसका एक उपाय यह हो सकता है कि पति ‘होममेकर’ की भूमिका अपनाएं। कोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी घर संभाल सकती है, तो पति भी घर संभाल सकता है। यह न्यू नॉर्मल (सामान्य बात) बननी चाहिए। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति की बेंच ने यह टिप्पणी एक वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में की। पत्नी ने परिवार संभालते हुए पति को करिअर में सपोर्ट किया, लेकिन बाद में विवाद बढ़ गया। हाई कोर्ट ने शादी खत्म करते हुए पत्नी को 1.5 करोड़ और दो बच्चों को 50-50 लाख रुपए देने का आदेश दिया। राजस्थान हाईकोर्ट बोला- अनुकंपा नौकरी वाली बहू सास को दे 25% वेतन राजस्थान हाई कोर्ट ने पति की अनुकंपा नौकरी लेकर दूसरी शादी करने वाली बहू को 25% वेतन और टर्मिनल बेनेफिट्स की 50% राशि पहली सास को देने को कहा है। जस्टिस आनंद शर्मा ने यह आदेश कमली देवी की याचिका पर दिया। उनकी बहू ने नौकरी मिलने के कुछ समय बाद दूसरी शादी कर ली थी और सास की आर्थिक मदद बंद कर दी थी। नाबालिगों से यौन अपराध पर डीसीपीसीआर सख्त, मांगी रिपोर्ट दिल्ली में नाबालिगों को निशाना बनाकर किए गए यौन अपराध के लगातार सामने आ रहे मामलों पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने तीनों मामलों का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पुलिस को नोटिस का जवाब दो सप्ताह के भीतर देने के निर्देश दिए हैं। डीसीपीसीआर बच्चों से जुड़े अपराधों और उनके अधिकारों के संरक्षण से संबंधित मामलों की निगरानी करता है। आयोग पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय कानून सहित बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के क्रियान्वयन पर भी नजर रखता है। आयोग की कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदमों की रिपोर्ट आयोग के सामने रखनी होगी।