विश्व शांति संगठन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महासचिव नियुक्त होने पर महंत नारायण गिरि महाराज का जसोल धाम में स्वागत किया गया। वे गाजियाबाद के सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर के पीठाधीश्वर और जूना अखाड़ा के प्रवक्ता भी हैं। ये स्वागत श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में हुआ। महंत गणेशपुरी महाराज की मौजूदगी में संस्थान प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने महाराज का अभिनंदन किया। उन्होंने नए पद पर नियुक्ति की बधाई दी और सफल कार्यकाल की कामना की। इस मौके पर जसोल नगर पालिका चेयरमैन निर्मला प्रजापत, नवनिर्वाचित पार्षद और स्थानीय लोग मौजूद थे। सभी ने महाराज का अभिनंदन कर आशीर्वाद लिया। स्वागत के बाद महाराज ने महंत गणेशपुरी और संस्थान प्रवक्ता के साथ श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन कर पूजा की। इसके बाद उन्होंने शारदीय नवरात्र महोत्सव के तहत हुए हवन-पूजन में हिस्सा लिया, विश्व शांति और जनकल्याण के लिए आहुतियां दीं। इस अवसर पर महंत नारायण गिरि महाराज ने मां जसोल के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि आज मां जसोल के दर्शन के लिए आते समय मुझे विश्व शांति संगठन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महासचिव पद पर नियुक्ति का शुभ समाचार प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए श्री राणीसा भटियाणीसा की असीम कृपा एवं आशीर्वाद का अनुपम संयोग है। मां की कृपा से जीवन में सदैव नई ऊर्जा, प्रेरणा एवं जनसेवा के अवसर प्राप्त होते हैं। मैं विगत कई वर्षों से निरंतर जसोल धाम आ रहा हूं और प्रत्येक आगमन पर मां के पावन दरबार से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं नई प्रेरणा लेकर लौटता हूं। उन्होंने कहा- मां का आशीर्वाद सदैव मेरे जीवन एवं सेवाकार्यों का संबल रहा है। यहां की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक परंपराएं, आध्यात्मिक वातावरण एवं मां के पावन दरबार की दिव्यता मन को अभिभूत करती है। विशेष रूप से संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा संस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी हैं। यहां की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं, सेवा भावना एवं निरंतर प्रगति को देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है। उन्होंने कहा- भारतीय सनातन संस्कृति संपूर्ण विश्व को शांति, सद्भाव, सेवा एवं मानव कल्याण का संदेश देती है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल समाज में संस्कार, एकता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रमुख केंद्र हैं। विश्व शांति, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। आध्यात्मिक मूल्यों एवं सनातन संस्कृति के आदर्शों के माध्यम से विश्व में स्थाई शांति एवं सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा- महाराज का धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायी है। विश्व शांति संगठन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व मिलना सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं मानव कल्याण के संदेश को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संगठन विश्व शांति, सद्भाव एवं मानव सेवा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां प्राप्त करेगा। कार्यक्रम के समापन पर महाराज ने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की। देखें PHOTOS