पंजाब के मानसा में एंटी ड्रग टास्क फोर्स के संचालक परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार (13 अक्टूबर) सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। नशा बेचने का विरोध करने को लेकर नशा विरोधी एक्टिविस्ट झोटा की मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी से बहस हुई। इसी दौरान अश्विनी ने उन्हें 3 गोलियां मार दीं। उनके 4 साथियों को भी गोली लगी है। जब झोटा को साथी ले जाने लगे तो मेडिकल स्टोर मालिक हाथ में पिस्टल लिए पीछे भी जाता दिखा। कुछ देर बाद वह मेडिकल स्टोर बंद कर वहां से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, साल 2023 में परविंदर झोटा ने नशा बेचने की वजह से इसी दुकानदार के गले में जूतों की माला पहनाकर घुमाया था। इस वजह से दोनों के बीच रंजिश चल रही थी। मानसा के SSP वैभव चौधरी ने कहा कि कातिल की तलाश की जा रही है। झोटा के कत्ल से उनके समर्थक व परिजन सिविल अस्पताल के बाहर इकट्‌ठा हो गए। उन्होंने मानसा शहर बंद का ऐलान किया और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। वह झोटा की लाश मांग रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें शव नहीं दे रही। क्योंकि, समर्थक शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, CM भगवंत मान ने सभी जिलों के DC और SSP की हाई लेवल मीटिंग बुला ली है। 30 सितंबर, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में रैली के दौरान पंजाब को ड्रग्स से पूरी तरह मुक्त करने के लिए 31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन तय की थी। उनकी इस घोषणा के 13 दिन बाद ही एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या कर दी गई। मामले के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…